सोशल मीडिया की चमक के पीछे अंधेरा: क्या इन्फ्लुएंसर्स के लिए सुरक्षित नहीं रही पब्लिक लाइफ?
News Image

सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने की चाहत आज हर किसी में है, लेकिन हाल के कुछ महीनों में घटी घटनाओं ने एक गहरा डर पैदा कर दिया है। पंजाब की मनजीत कौर से लेकर यूपी के अंकित बालियान और दिल्ली की मुस्कान तक, कई लोकप्रिय चेहरों की मौत ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या इंटरनेट पर मिली पहचान अब सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है?

मनजीत कौर: एक दर्दनाक अंत चंडीगढ़ की रहने वाली पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर के साथ जो हुआ, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। आरोप है कि दो युवक उन्हें मिलने के बहाने ले गए, मारपीट की और फिर पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया। 90 फीसदी झुलसने के बाद 26 अगस्त को उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घटना के दो महीने तक हत्या के प्रयास का मामला तक दर्ज नहीं किया था।

अंकित बालियान: गानों का विवाद या गैंगवार? यूपी के शामली निवासी हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की 26 अगस्त को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। जिम से निकलते ही उन पर 9 गोलियां बरसाई गईं। उनके मशहूर गाने भरी कोर्ट में गोली मारेंगे को उनकी हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब इस मामले में गैंगवार के एंगल की जांच कर रही है।

मुस्कान हत्याकांड: नजदीकियों का खूनी अंजाम दिल्ली के तिलक नगर में 21 वर्षीय छात्रा और इन्फ्लुएंसर मुस्कान की उसके ही घर में हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में मुख्य आरोपी उसका पुराना दोस्त और जिम ट्रेनर आकिब उर्फ इमरान निकला। शक है कि निजी रंजिश और नजदीकियों को लेकर हुए विवाद में उसने मुस्कान की हत्या की। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

क्या सोशल मीडिया है इन हत्याओं की वजह? साइबर विशेषज्ञों और पुलिस का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे सीधे तौर पर सोशल मीडिया जिम्मेदार नहीं है। ज्यादातर मामलों में वजह निजी रंजिश, प्रेम-संबंध या पुरानी दुश्मनी रही है। हालांकि, इन्फ्लुएंसर्स की पब्लिक लाइफ के कारण ये मामले अधिक चर्चा में आते हैं और इनका प्रभाव व्यापक होता है।

पुलिस की कार्रवाई और चुनौती इन सभी मामलों में पुलिस की सक्रियता अलग-अलग रही है। जहां दिल्ली पुलिस ने मुस्कान हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई की, वहीं मनजीत कौर के मामले में पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अंकित बालियान मामले में पुलिस अब गैंग के रिकॉर्ड खंगाल रही है, जबकि मृतक के परिजन जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

यह घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि डिजिटल दुनिया की लोकप्रियता के साथ निजी सुरक्षा का दायरा भी सिमटता जा रहा है, और अब सतर्कता ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जीसस की पेंटिंग के सामने बंधी राखी, सलमान खान की सादगी ने जीता फैंस का दिल

Story 1

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर छाईं मोहन भागवत की तस्वीरें, जानें क्या है पूरा मामला

Story 1

इंडियाज गॉट लेटेंट में विवादित टिप्पणी: समय रैना और शैरन वर्मा के कमेंट्स पर भड़के राम कदम

Story 1

मनोज जरांगे के समर्थन में मराठा समाज का उग्र प्रदर्शन, धुले-सोलापुर हाईवे घंटों रहा जाम

Story 1

266 रुपये की यूरिया 800 में: किसानों की जेब काटने वाले 8 कृषि केंद्रों पर गिरी गाज

Story 1

इंग्लैंड में राहुल चाहर का स्पिन जादू : काउंटी चैंपियनशिप में 6 विकेट लेकर मचाया कोहराम

Story 1

कमबैक आसान नहीं होगा ... नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर, लिखा इमोशनल पोस्ट

Story 1

दलीप ट्रॉफी: ईशान भाई को लगा रिस्क है, पर मैं विकेट टेकर हूं - वैभव सूर्यवंशी का बड़ा खुलासा

Story 1

नेपाल की तबाही पर एकजुट हुआ भारत; खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से की मदद की अपील

Story 1

खड़गे के शुद्धिकरण पर भड़के राहुल गांधी: धामी सरकार से की FIR की मांग, RSS पर बोला बड़ा हमला