सरकारी स्कूलों में एक्सपायर्ड खाना : क्या अधिकारियों को अपने बच्चों की परवाह?
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सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील और अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और स्कूल ठीक करो अभियान के चेहरे अभिजीत दीपके ने बेहद गंभीर आरोप लगाकर हलचल मचा दी है।

एक्सपायर्ड खाने का सनसनीखेज दावा अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को एक्सपायर्ड (समय सीमा समाप्त) हो चुके खाद्य पदार्थ खिलाए जा रहे हैं। उनका सीधा सवाल सत्ता में बैठे अधिकारियों से है कि क्या वे अपने बच्चों को भी वही खाना खिलाने की हिम्मत करेंगे?

FIR की धमकी से नहीं डरेंगे दीपके ने अपने अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकारी व्यवस्था की कमियों को उजागर करने के बदले उन पर FIR दर्ज की जाती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे सच सामने लाना बंद नहीं करेंगे। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उन्होंने स्कूलों के नाम का खुलासा किया है।

स्कूल ठीक करो मुहिम का असर दीपके का यह अभियान हिंगोली जिले के उनके पैतृक गांव से शुरू हुआ था। इस मुहिम के तहत उन्होंने सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली, पीने के पानी की कमी और टूटे हुए टॉयलेट जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं। इसी महीने की शुरुआत में, उनके प्रयासों के चलते उनके गांव के स्कूल को पहला कंप्यूटर सिस्टम और बच्चों के लिए बैठने हेतु बेंच मिलीं, जिसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे खुशी का पल बताया था।

5 सितंबर को सड़कों पर उतरेगी CJP अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी ने अब विरोध प्रदर्शन को तेज करने की तैयारी की है। CJP ने 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के दिन एक मार्च की घोषणा की है। इस मार्च में NEET परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों और पिछले आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस ज्यादती का शिकार हुए लोग शामिल होंगे।

मुख्य मांगें:

अभिजीत दीपके का सवाल अब पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर एक गहरा कटाक्ष है। क्या सरकार इन दावों पर संज्ञान लेगी, या यह मुद्दा भी केवल दावों और वादों की भेंट चढ़ जाएगा?

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