भारतीय जनता पार्टी के भीतर शनिवार (29 अगस्त) को उस वक्त हड़कंप मच गया जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तीन वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। यह मामला कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की शोक सभा में शामिल होने से जुड़ा है।
किन नेताओं पर गिरी गाज? बैठक के दौरान नितिन नबीन ने दिल्ली के तीन प्रमुख भाजपा नेताओं—सांसद कमलजीत सहरावत, रामवीर बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया की कड़ी आलोचना की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं का 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी ठहराए गए सज्जन कुमार की शोक सभा में जाना आलाकमान को नागवार गुजरा।
सख्त संदेश देने की कोशिश पार्टी की छवि को लेकर बेहद सतर्क चल रहे नितिन नबीन ने इसे अनुशासनहीनता माना है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों, विशेष रूप से पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती, जिससे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। इन नेताओं का शोक सभा में जाना पार्टी की चुनावी रणनीति के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है।
आप ने घेरा, तो पार्टी ने दिखाई सख्ती इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब आम आदमी पार्टी के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाजपा को घेरते हुए सवाल उठाए। पन्नू ने आरोप लगाया कि ये वही नेता हैं जो विस्थापित सिख परिवारों का दुख साझा करने कभी नहीं गए, लेकिन एक दोषी की शोक सभा में सबसे पहले नजर आए। इस विवाद के बाद भाजपा ने डैमेज कंट्रोल करते हुए अपने नेताओं को फटकार लगाकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी का स्टैंड सिख दंगों के दोषियों के प्रति वही रहेगा जो हमेशा से रहा है।
सज्जन कुमार और 1984 का कनेक्शन बता दें कि सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों के मुख्य आरोपी थे। उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वे तिहाड़ जेल में अपनी सजा काट रहे थे, जहां 20 अगस्त को 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद हुई शोक सभा में भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है।
युवा रणनीति पर फोकस यह फटकार उस समय लगी जब भाजपा मुख्यालय में युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, स्मृति ईरानी, रवि किशन और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। एक तरफ जहां पार्टी युवाओं के साथ जुड़ाव की नई रणनीति बना रही है, वहीं इस विवादित घटना ने पार्टी की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था को फिर से चर्चा में ला दिया है।
#WATCH | Delhi: BJP National President Nitin Nabin arrives at the party headquarters.
— ANI (@ANI) August 29, 2026
He will chair a meeting here today. Issues concerning the youth will be discussed, and a strategy will be formulated to engage in dialogue with them.
Ravi Kishan, Kamlesh Paswan, Guru Prakash… pic.twitter.com/uAe3fYzIhc
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