बारिश में हाईवे पर गाड़ी चलाने का जोखिम! NHAI की इन 7 बातों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
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देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नेशनल हाईवे पर बारिश, फिसलन और कम विजिबिलिटी के कारण हादसे होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मानसून में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सफर से पहले करें गाड़ी की खास जांच हाईवे पर निकलने से पहले अपनी गाड़ी की अच्छी तरह पड़ताल करें। सबसे पहले टायरों की ग्रिप चेक करें ताकि फिसलन न हो। साथ ही, ब्रेक और वाइपर का सही काम करना बेहद जरूरी है ताकि खराब मौसम में स्पष्ट देख सकें।

लाइट्स का रखें ध्यान बारिश में विजिबिलिटी कम हो जाती है। सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी की हेडलाइट्स, टेललाइट्स और इंडिकेटर सही तरीके से काम कर रहे हों। इससे अन्य वाहन चालकों को आपकी गाड़ी दूरी से ही दिखाई दे जाएगी।

स्पीड पर रखें नियंत्रण गीली सड़कों पर तेज रफ्तार जानलेवा हो सकती है। हमेशा तय गति सीमा के भीतर रहें और सड़क की स्थिति के अनुसार गाड़ी चलाएं। अन्य वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है।

अचानक ब्रेक लगाने से बचें बारिश में सड़कें फिसलन भरी होती हैं। अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी का संतुलन बिगड़ सकता है और वह स्किड कर सकती है। ब्रेक का इस्तेमाल हमेशा सोच-समझकर और धीरे-धीरे करें।

मोबाइल से बनाएं दूरी ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करना ध्यान भटका सकता है, जो बारिश में बेहद खतरनाक है। अगर कोई जरूरी कॉल हो, तो गाड़ी को सुरक्षित जगह किनारे लगाकर ही बात करें।

कंस्ट्रक्शन जोन में सावधानी हाईवे पर जहां निर्माण कार्य चल रहा हो, वहां विशेष सतर्कता बरतें। ऐसे इलाकों में सड़कें संकरी हो सकती हैं या गड्ढे हो सकते हैं। यहां स्पीड कम रखें और सड़क पर लगे सुरक्षा संकेतों का पालन जरूर करें।

मुसीबत में डायल करें 1033 अगर हाईवे पर सफर के दौरान आपकी गाड़ी खराब हो जाए या किसी प्रकार की आपातकालीन स्थिति पैदा हो, तो घबराएं नहीं। तुरंत मदद के लिए NHAI के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करें। यह सेवा हाईवे सुरक्षा और सहायता के लिए 24/7 उपलब्ध है।

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