एक्शन मोड में सीएम मोहन यादव: छिंदवाड़ा में जन-विश्वास अभियान के साथ 3 अधिकारी निलंबित
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छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने छिंदवाड़ा दौरे के दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। 7 अगस्त को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की विधिवत शुरुआत करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है कि जनहित के कार्यों में कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मौके पर ही गिर गाज जनता की शिकायतों की सुनवाई के दौरान सीएम ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की। शिकायतों की जांच और फीडबैक मिलते ही उन्होंने छिंदवाड़ा के सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े, एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ समय पर अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कलेक्ट्रेट में जनता से सीधा संवाद दौरे की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा की और कई लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को दिए।

हर शुक्रवार होगा जनता दरबार मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब मध्यप्रदेश में प्रत्येक शुक्रवार नो मीटिंग डे होगा। इस दिन जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार आयोजित किए जाएंगे, जिसमें मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी जनता के बीच मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि जन-विश्वास अभियान के चार मुख्य स्तंभ हैं—संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी। यह अभियान जनवरी तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

भविष्य की नीतियां और ग्रामीण विकास सीएम यादव ने कहा कि भविष्य की नीतियां जनता से मिलने वाले सुझावों के आधार पर तैयार की जाएंगी। छिंदवाड़ा की चर्चा के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि होमस्टे जैसी पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सरकार का संदेश: लापरवाही पड़ेगी भारी छिंदवाड़ा से शुरू हुए इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री सीधे तौर पर शासन की जमीनी हकीकत पर नजर रख रहे हैं। जनता की सीधी भागीदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की यह पहल मध्यप्रदेश में नई कार्य-संस्कृति की शुरुआत मानी जा रही है। सीएम का संदेश साफ है—जनता की सुनवाई होगी और लापरवाही बरतने वाले को दंडित किया जाएगा।

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