वैश्विक भू-राजनीति में तनाव के बीच भारत ने एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। राजस्थान के जयपुर में आयोजित 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक में भारत की अध्यक्षता में एक ऐतिहासिक संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बनी है। इसमें रूस और चीन जैसे देशों को एक मंच पर लाकर भारत ने अपनी रणनीतिक क्षमता का लोहा मनवाया है।
क्या है यह संयुक्त घोषणापत्र? वैश्विक व्यापारिक उथल-पुथल के दौर में ब्रिक्स देशों का किसी एक बिंदु पर सहमत होना अत्यंत कठिन था। भारत ने सदस्य देशों की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखते हुए औद्योगिक सहयोग, नवाचार (Innovation) और सस्टेनेबिलिटी पर आम सहमति बनाई है। यह घोषणापत्र सितंबर में दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
औद्योगिक मजबूती और स्टार्टअप्स पर जोर इस बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) और स्टार्टअप्स को गति देने के लिए एक विशेष रणनीतिक ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु सोलर तकनीक और फोटोवोल्टिक इंडस्ट्री के लिए सख्त नियमों व कार्य योजनाओं पर मुहर लगी है। परिवहन और लॉजिस्टिक्स को GIS तकनीक से जोड़ने और स्मार्ट सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
पीयूष गोयल का कड़ा संदेश बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों को अब केवल चर्चा से आगे बढ़कर व्यावहारिक कदम उठाने होंगे। उन्होंने सदस्य देशों से अपनी आकांक्षाओं को इनोवेशन में बदलने और एक-दूसरे की पूरक ताकतों का लाभ उठाने का आह्वान किया। वहीं, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आपसी विश्वास को औद्योगिक साझेदारी की नींव बताया।
PartNIR बना कूटनीति का स्तंभ इस पूरे सहयोग का मुख्य आधार न्यू इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन पर ब्रिक्स पार्टनरशिप (PartNIR) रहा है। इस वर्ष का विषय मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी रखा गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की पहल ने यह साबित कर दिया है कि वह वैश्विक गुटबाजी के बीच भिन्न विचारधारा वाले देशों को एक व्यावहारिक एजेंडे पर एक साथ ला सकता है।
कितना ताकतवर हुआ ब्रिक्स? ब्रिक्स का निरंतर विस्तार इसे पश्चिमी देशों के G7 समूह के सामने एक बड़ी आर्थिक चुनौती बना रहा है। वर्तमान में ब्रिक्स देशों के पास:
ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए देशों के जुड़ने के बाद, ब्रिक्स अब वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक ऐसा केंद्र बन गया है जिसे अनदेखा करना किसी भी बड़ी शक्ति के लिए नामुमकिन है। भारत की यह कूटनीतिक सफलता इसे भविष्य के वैश्विक नेतृत्व के लिए एक परिपक्व खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है।
*Jaipur, Rajasthan: The two-day BRICS Industry and Trade Ministers Meeting commenced at Sawai Man Mahal, Rambagh Palace, with Union Commerce and Industry Minister Piyush Goyal and Union Minister of State Jitin Prasada attending the inaugural session. Ministers and senior… pic.twitter.com/NVJKocgjgK
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
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