श्रीलंका में बदले फील्डिंग के नियम : कोच सुभदीप घोष के नए मास्टरप्लान से सुधरेगी टीम इंडिया की किस्मत?
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कोलंबो: 15 अगस्त से शुरू होने वाली भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने कोलंबो में अपनी कमर कस ली है। इस बार टीम का पूरा फोकस फील्डिंग में सुधार पर है, जो पिछले कुछ दौरों में बड़ी चिंता का विषय रही है।

फील्डिंग कोच का ब्लैकबोर्ड प्लान

टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच सुभदीप घोष ने कमान संभालते ही फील्डिंग का पूरा ढांचा बदल दिया है। ट्रेनिंग सेशन के दौरान खिलाड़ियों को अलग-अलग ग्रुप्स (ग्रुप-1 से ग्रुप-4) में बांटा गया है। कोच ने एक बोर्ड पर विशेष फील्डिंग प्लान तैयार किया है, जिसके आधार पर स्लिप और बाउंड्री पर कैचिंग प्रैक्टिस कराई जा रही है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरों पर भारतीय खिलाड़ियों द्वारा छोड़े गए कैच टीम प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन गए थे। खराब फिटनेस और फील्डिंग की गिरती गुणवत्ता के कारण तत्कालीन फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया। अब टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

वॉर्म-अप मैच: श्रीलंका के खिलाफ पहली अग्निपरीक्षा

मुख्य सीरीज से पहले भारतीय टीम 7 से 9 अगस्त तक कोलंबो के NCC ग्राउंड पर 3 दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेलेगी। यह मैच श्रीलंका की परिस्थितियों, पिच के मिजाज और स्पिनरों के लिए मददगार हालात को समझने में मदद करेगा। श्रीलंका ने इस अभ्यास मैच के लिए सोनल दिनुषा की कप्तानी में अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है।

भारत का स्क्वाड (संभावित)

शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन और आकिब नबी।

क्या श्रीलंका की देरी एक चाल है?

टेस्ट सीरीज शुरू होने में अब एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, लेकिन मेजबान श्रीलंका ने अभी तक अपनी मुख्य टेस्ट टीम का ऐलान नहीं किया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह श्रीलंका की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, ताकि भारतीय खेमे को उनके अंतिम प्लेइंग कॉम्बिनेशन के बारे में भ्रम में रखा जा सके। वहीं, कुछ इसे श्रीलंका की घरेलू और चयन संबंधी मजबूरियां भी बता रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या सुभदीप घोष का फील्डिंग फॉर्मूला भारत को श्रीलंका में जीत दिला पाता है या नहीं।

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