मुंबई: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें किसी एक पीढ़ी पर आँख मूंदकर भरोसा करना हो, तो वह निस्संदेह Gen Z पर करेंगे। उन्होंने युवाओं को अपनी पीढ़ी से कहीं अधिक ईमानदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित बताया।
युवाओं की आवाज को दबाना गलत भागवत ने कहा कि आज के युवा तार्किक हैं और व्यवस्था से सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। उन्होंने नसीहत दी कि युवाओं के सवालों को नकारने या दबाने के बजाय उन्हें सुनना और समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि हर विरोध प्रदर्शन को देश-विरोधी करार देना गलत है, क्योंकि लोकतंत्र में असहमति और संवाद ही व्यवस्था को सुधारने का जरिया हैं।
छात्रों के विरोध पर दिया बड़ा बयान हाल के छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई के सवालों पर भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है। उन्होंने कहा कि अगर युवा बदलाव की मांग कर रहे हैं, तो उसे देशद्रोह नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि विरोध का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, न कि हिंसा। बिना तथ्यों की पुष्टि के किसी भी पक्ष पर राय बनाना जल्दबाजी होगी।
शिक्षा: व्यापार का साधन नहीं शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए भागवत ने कहा कि इसे कमाई और व्यापार का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा पर बजट का कम से कम 6 प्रतिशत खर्च करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए आगे आना होगा।
LGBTQ समुदाय और सामाजिक स्वीकार्यता LGBTQ समुदाय पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि वे समाज का ही हिस्सा हैं और उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। समलैंगिक विवाह पर उन्होंने कहा कि विवाह को वे एक सामाजिक और पारिवारिक संस्था मानते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि समाज को उनके साथ (Companionship) के लिए कोई कानूनी या सामाजिक ढांचा तैयार करना चाहिए ताकि वे सम्मान के साथ जी सकें।
राष्ट्रीय सुरक्षा और इंसानियत पड़ोसी देशों के मुद्दों पर भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में देश को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के सभी नागरिक भारत के दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नफरत किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और मानवता ही सबसे बड़ी पहचान है।
भागवत के बयान के 5 मुख्य बिंदु:
VIDEO | Mumbai: On being asked about protests and concerns that protesters may be labelled anti-national , RSS chief Mohan Bhagwat, while addressing Gen Z and Gen Alpha, says, ...I want to make it clear that if Gen Z engages in any agitation, they are not anti-national. They… pic.twitter.com/XWU9coSnTg
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
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