RAS प्रियंका बिश्नोई मौत मामला: अस्पताल की बढ़ी मुश्किलें, फर्जीवाड़े की नई FIR दर्ज
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आरएएस अधिकारी प्रियंका बिश्नोई की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के गंभीर आरोपों में नई एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट के आदेश पर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बैकडेट एंट्री और मेडिकल लापरवाही के आरोप

पीड़िता के पिता रक्षपाल बिश्नोई ने अस्पताल प्रशासन पर अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप लगाया है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रियंका का ब्लड सैंपल 5 सितंबर 2024 को दोपहर 12:15 बजे लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट दोपहर 1:30 बजे आई। लेकिन, डॉक्टरों ने रिपोर्ट आने से पहले ही दोपहर 1:05 बजे ऑपरेशन शुरू कर दिया था।

इतना ही नहीं, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड में भी गंभीर खामियां पाई गईं। ब्लड सैंपल लिए जाने से पहले ही रिकॉर्ड में यह दर्ज कर दिया गया कि सुबह 11:45 बजे रिपोर्ट देख ली गई थी। यह सीधे तौर पर मेडिकल रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्री का मामला प्रतीत होता है।

कोमा और अहमदाबाद में हुई मौत

परिजनों का आरोप है कि वसुंधरा अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रियंका को एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, जिसके बाद वह कोमा में चली गईं। करीब 14 दिनों तक संघर्ष करने के बाद 18 सितंबर 2024 को अहमदाबाद के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक जगत और बिश्नोई समाज को झकझोर कर रख दिया था।

अस्पताल का बचाव और ब्रेन एन्यूरिज्म का तर्क

हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय मकवाना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका दावा है कि अस्पताल में ऑपरेशन पूरी तरह सफल था। डॉ. मकवाना के अनुसार, प्रियंका की तबीयत अहमदाबाद ले जाते समय बिगड़ी थी। सीटी स्कैन में आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन (दिमाग की नस फटने) का पता चला था। हालांकि, पूर्व में मेडिकल कमेटी से मिली क्लीन चिट अब नए सबूतों और फॉरेंसिक जांच की मांग के कारण कठघरे में है।

क्या अब बदलेगा जांच का रुख?

पहले दर्ज हुई एफआईआर पुलिस द्वारा निरस्त कर दी गई थी, लेकिन अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामला फिर खुल गया है। पुलिस उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार के नेतृत्व में अस्पताल के लैब रिकॉर्ड, स्याही और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

प्रियंका बिश्नोई का शानदार करियर

मूल रूप से बीकानेर की रहने वालीं प्रियंका बिश्नोई एक होनहार अधिकारी थीं। 2016 बैच की आरएएस अधिकारी ने विजयनगर में एसडीएम, जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार और नगर निगम जोधपुर में उपायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। उनकी असमय मौत ने प्रशासनिक गलियारों में एक गहरा शून्य छोड़ दिया है।

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