उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर नेता और रसड़ा से तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह का आकस्मिक निधन हो गया है। ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे उमाशंकर सिंह ने गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से बलिया से लेकर लखनऊ तक शोक की लहर दौड़ गई है।
मायावती का छलका दर्द बसपा सुप्रीमो मायावती, जिन्हें राजनीति में अपने कठोर अनुशासन के लिए जाना जाता है, इस दुखद मौके पर पूरी तरह भावुक नजर आईं। वे खुद चलकर विधायक के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। पत्रकारों से बात करते हुए उनकी आंखें डबडबा गईं। उन्होंने कहा, भाई तो बहुत बने, सब धोखा देकर चले गए, लेकिन उमाशंकर ने कभी साथ नहीं छोड़ा।
सगी बहन का दर्जा दिया मायावती ने उमाशंकर सिंह के साथ अपने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि वे उन्हें अपनी सगी बहन मानते थे। उन्होंने बताया, बीमारी की हालत में भी वे मुझसे मिलने आए थे। मैंने उनसे कहा था कि आप क्यों आए, मैं खुद आ जाती। रक्षाबंधन पर वे हमेशा मुझसे राखी बंधवाते थे। वे पूरी ईमानदारी से बसपा के साथ खड़े रहे।
राजनीतिक उत्तराधिकार का वादा मायावती ने उमाशंकर सिंह के परिवार को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। बसपा प्रमुख ने कहा, यदि परिवार चाहेगा तो मैं उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाऊंगी। उमाशंकर सिंह की जगह मैं उन्हें पूरा महत्व दूंगी। बसपा का पूरा परिवार इस दुख की घड़ी में उनके साथ है।
पीए और जनता का टूटा दिल उमाशंकर सिंह के पीए रंजीत सिंह पिंकी अपने भैया के निधन की खबर सुनकर दहाड़ें मारकर रो पड़े। उनकी हालत ऐसी थी कि वे कुछ बोलने की स्थिति में भी नहीं थे। वहीं, रसड़ा के स्थानीय निवासी भी सदमे में हैं। गरीब बुजुर्ग चंद्रशेखर ने रोते हुए कहा, वे हमारे मसीहा थे। उनके जैसा नेता दोबारा मिलना मुश्किल है। उन्होंने क्षेत्र की सेवा में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी।
सिर्फ एक विधायक नहीं, जननेता थे उमाशंकर राजनीतिक गलियारों में उमाशंकर सिंह की छवि एक ऐसे नेता की थी, जो महज पार्टी के भरोसे चुनाव नहीं जीतते थे। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि लोग कहते हैं—पार्टी के सिंबल से ज्यादा उमाशंकर सिंह के नाम पर चुनाव लड़ा जाता था। एक सफल व्यवसायी होने के बावजूद, उन्होंने हमेशा आम लोगों के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके निधन से रसड़ा ने अपना वह मसीहा खो दिया है, जो हर जरूरतमंद की आवाज बनता था।
*बसपा सुप्रीमो मायावती ने दी उमाशंकर सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि, परिवार के लोगों से की मुलाक़ात। pic.twitter.com/gn1UmJc3Qu
— Pawan Kumar Gautam (@PKGautam0) August 6, 2026
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