संसद परिसर में राम मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर किए गए नाटकीय प्रदर्शन ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वाराणसी में दर्ज FIR, प्रयागराज कोर्ट का समन और दिल्ली पुलिस में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज की शिकायत के बाद पप्पू यादव ने अपनी सफाई में संसदीय विशेषाधिकारों का हवाला दिया है।
पप्पू यादव का तर्क है, बिना स्पीकर की अनुमति के केस कैसे दर्ज हो सकता है? क्या कोई कानून नहीं है? लेकिन संवैधानिक विशेषज्ञ इसे एक अलग नजरिए से देख रहे हैं।
31 जुलाई को संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक स्किट (नुकड़ नाटक) प्रस्तुत किया था। इसमें पप्पू यादव साधु के वेश में थे, जो दान पेटी लेकर भागते हुए दिखाई दिए। भाजपा ने इसे सनातन धर्म और संसद की गरिमा का अपमान करार दिया है। इस मामले में पप्पू यादव के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर भी कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।
संविधान का अनुच्छेद 105 सांसदों को संसद के भीतर बोलने और अपने कर्तव्यों के पालन के लिए विशेष छूट देता है। अनुच्छेद 105(2) के अनुसार, सदन या उसकी समिति के भीतर कही गई किसी भी बात या दिए गए भाषण के लिए किसी भी अदालत में सांसद पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसका उद्देश्य यह है कि जनप्रतिनिधि बिना डरे जनता के मुद्दों को उठा सकें।
सांसदों को दीवानी (Civil) मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन आपराधिक (Criminal) मामलों में यह छूट लागू नहीं होती।
कानूनन, संसद भवन परिसर स्पीकर का अधिकार क्षेत्र है। परिसर के भीतर से किसी सांसद को गिरफ्तार करने के लिए स्पीकर की पूर्व अनुमति आवश्यक है। लेकिन, परिसर के भीतर यदि कोई सांसद गंभीर आपराधिक कृत्य करता है या रिश्वत लेता है, तो विशेषाधिकार उसे कानूनी कार्रवाई से ढाल नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि रिश्वतखोरी जैसे मामलों में विशेषाधिकार का लाभ नहीं मिलेगा।
अगर कोई सांसद सदन की मर्यादा को ठेस पहुँचाता है, तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।
पप्पू यादव का केस अब यह तय करेगा कि विरोध प्रदर्शन और संसदीय गरिमा के बीच की बारीक रेखा कहां है। फिलहाल, उन्हें 11 अगस्त को प्रयागराज कोर्ट में पेश होना है।
*VIDEO | Monsoon Session: Independent MP Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) says, Without the Speaker s order, how can you file a case, it is a matter of Parliament, the daughter of Sushma Swaraj is there only to file cases against Rahul Gandhi, the Prayagraj court has given a notice,… pic.twitter.com/e0VpdU4m7h
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
49 साल बाद टूटा सूखा: अब्दुल्ला शफीक ने वेस्टइंडीज में दिखाया दम, बाबर आजम भी पीछे छूटे
राहुल गांधी के साथ मंच पर आईं पोस्टर गर्ल रिया, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
CWG में अरशद नदीम की शर्मनाक हार, नाकामी पर दिया अजीबोगरीब बहाना
लगा अब जिंदा नहीं बचेंगे... एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस का खौफनाक मंजर
SA20 2027: ऑक्शन से पहले 6 फ्रेंचाइजियों का बड़ा दांव, मार्श-रूट और सैम करन की एंट्री
शुभमन गिल की टीम के लिए गुड न्यूज: फिट होकर श्रीलंका पहुंचेंगे साई सुदर्शन, इस दिन जुड़ेंगे टीम से
बरेली में मौत का तांडव: तेज रफ्तार कार ने बाइक को बनाया खिलौना, 500 मीटर तक सड़क पर उठीं चिंगारियां
CJP के अभिजीत दीपके का स्मार्ट चुनाव: जानें कौन सा iPhone इस्तेमाल करते हैं NEET आंदोलन का यह चर्चित चेहरा
एयर इंडिया फ्लाइट: आसमान में खौफनाक टर्बुलेंस, घायलों की चीख-पुकार से गूंजा केबिन
यह वह बांग्लादेश नहीं... : शेख हसीना की आंखों में आंसू, पहली बार खुलकर बरसीं पूर्व प्रधानमंत्री