अस्पताल का नाम सुनते ही सबसे पहले भारी-भरकम मेडिकल बिल और इलाज का तनाव दिमाग में आता है। लेकिन अब दिल्ली के एक अस्पताल से जुड़ी घटना सामने आई है, जिसने खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। एक मरीज के परिजन ने सोशल मीडिया पर बिल साझा कर इसे खुली लूट बताया है।
क्या है पूरा मामला? दिल्ली के रहने वाले संतोष भारतवंशी हाल ही में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल गए थे। वहां मौजूद हल्दीराम आउटलेट से उन्होंने दो मसाला डोसा, एक कप चाय और एक बोतल छाछ मंगवाई। जब बिल उनके हाथ में आया, तो वे हैरान रह गए। कुल बिल 708 रुपये का था। बिल में एक मसाला डोसा 274 रुपये, छाछ 85 रुपये और एक कप चाय 74 रुपये की थी।
परिजनों की मजबूरी का फायदा? संतोष का कहना है कि अस्पताल आने वाला व्यक्ति पहले से ही इलाज और दवाइयों के खर्च से परेशान होता है। ऐसे में खाने-पीने की सामानों पर इतनी अधिक कीमत वसूलना अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल में लोग मजबूरी में आते हैं, न कि मौज-मस्ती के लिए, इसलिए ब्रांड्स को उनकी स्थिति समझनी चाहिए।
डिस्काउंट से भी इनकार संतोष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर के अन्य आउटलेट्स या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अक्सर खाने पर 30 से 40 प्रतिशत तक की छूट मिल जाती है। अस्पताल के अंदर मौजूद इस आउटलेट पर न तो कोई ऑफर था और न ही कोई राहत। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य जगहों पर छूट दी जा सकती है, तो अस्पताल में ग्राहकों को राहत क्यों नहीं?
विभाजित हुई सोशल मीडिया की राय इस पोस्ट के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अस्पतालों में खाने की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का मानना है कि अस्पताल परिसर में दुकान का किराया और मेंटेनेंस बहुत अधिक होता है, इसलिए कीमतें सामान्य से ज्यादा होना एक व्यावसायिक मजबूरी हो सकती है।
क्या जरूरी सेवाओं के लिए नियम होने चाहिए? लगातार उठ रहे इन सवालों के बीच अब यह मांग तेज हो रही है कि क्या अस्पतालों के अंदर चलने वाले फूड आउटलेट्स के लिए अलग मूल्य नीति (pricing policy) होनी चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल प्रशासन को कुछ सब्सिडी वाले कॉम्बो या किफायती विकल्प सुनिश्चित करने चाहिए, ताकि इलाज के दौरान परिवारों पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
आज किसी कारणवश दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में जाना पड़ा।
— Santosh Bharatvanshi (@SKYjourno) August 1, 2026
सुबह सुबह का समय था तो भूख लग रही थी
सोचा चलो कुछ खाते हैं
हॉस्पिटल के अंदर ही हल्दीराम का रेस्टोरेंट था
हमने खाने के लिए 2 मसाला डोसा, एक चाय है एक छाछ ऑर्डर किया।
बिल बन गया ₹708 रुपए का, माथा घूम गया बिल देखकर
👉… pic.twitter.com/mqESf2djmu
अस्पताल के अंदर खुली लूट ? ₹274 का डोसा और ₹74 की चाय देख भड़का मरीज का परिजन
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