जंग, गरीबी और बेबसी: आखिर क्यों दुनिया की दहलीज पर खड़ा है माइग्रेशन संकट ?
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दुनिया आज एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसे पिछले कई दशकों में नहीं देखा गया। धरती का हर कोना किसी न किसी बड़ी त्रासदी से हलचल में है। रूस-यूक्रेन का युद्ध हो या मध्य-पूर्व के देशों में तनाव, इन सबके बीच यूरोप में स्पेन का स्यूटा इलाका प्रवासियों के हुजूम से जूझ रहा है। यह महज एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

स्पेन में बढ़ता तनाव और 67 मौतों का मातम स्यूटा के तटों पर हाल ही में जो हुआ, वह दिल दहला देने वाला है। महज 24 घंटों में 60 हजार से अधिक प्रवासियों ने घुसपैठ की कोशिश की। इस दौरान 67 लोगों की जान जा चुकी है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि स्पेन सरकार ने मोरक्को सीमा पर 500 मीटर लंबी दीवार बनाने का कड़ा फैसला लिया है। शनिवार की सुबह कई लोग तैरकर तट तक पहुंचे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें खदेड़ दिया, जो इस वैश्विक संकट की भयावहता को दिखाता है।

क्यों यूरोप का रास्ता चुन रहे हैं प्रवासी? जिब्राल्टर स्ट्रेट, जो स्पेन और अफ्रीका को अलग करता है, प्रवासियों के लिए एक खतरनाक पुल बन गया है। मोरक्को, माली, सेनेगल और अल्जीरिया जैसे देशों से लोग छोटी नावों में सवार होकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। 2006 के कायुकोस संकट के बाद से स्पेन ने अपनी सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी है, लेकिन गरीबी और भूख का डर सुरक्षा घेरों से कहीं ज्यादा ताकतवर साबित हो रहा है।

एलन कुर्दी की तस्वीर: मानवीय संवेदनाओं का अंत? साल 2015 में तुर्की के समुद्र तट पर मिला तीन साल के सीरियाई बच्चे एलन कुर्दी का शव दुनिया के जहन में आज भी ताजा है। सीरियाई गृहयुद्ध से भागते हुए उस मासूम की मौत ने पूरी दुनिया को यह झकझोर कर रख दिया था कि हिंसा लोगों को किस हद तक बेघर करने पर मजबूर कर देती है। वह तस्वीर केवल एक बच्चे की मौत नहीं थी, बल्कि दुनिया की सामूहिक विफलता का सबूत थी।

21वीं सदी के बड़े प्रवासी संकट इतिहास गवाह है कि इंसान ने अपनी सुरक्षा और भविष्य के लिए हमेशा पलायन किया है, लेकिन हालिया आंकड़े डराने वाले हैं:

ये हैं संकट के असली अपराधी आंकड़े बताते हैं कि पलायन की जड़ें काफी गहरी हैं। दुनिया में बढ़ते माइग्रेशन के प्रमुख कारण ये हैं:

  1. राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध: देश के भीतर सत्ता संघर्ष।
  2. आतंकवाद: सुरक्षित जीवन जीने की इच्छा।
  3. आर्थिक कंगाली: भारी बेरोजगारी और महंगाई।
  4. जलवायु परिवर्तन: सूखा, बाढ़ और खाद्य संकट ने खेती और जीवनयापन को असंभव बना दिया है।

आज दुनिया जिस तरह से इन शरणार्थियों को देख रही है, सवाल यह है कि क्या सीमाएं और दीवारें इस समस्या का समाधान हैं? या फिर दुनिया को उन कारणों पर काम करना होगा, जिनकी वजह से इंसान अपना घर छोड़ने पर मजबूर है। समय आ गया है कि वैश्विक शक्तियां एक साझा समाधान की ओर कदम बढ़ाएं, क्योंकि हर इंसान का सपना एक सुरक्षित कल ही है।

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