मैसूर से पीएम मोदी का युवाओं को आह्वान: नेशन फर्स्ट की भावना से लिखें विकसित भारत की पटकथा
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मैसूर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र और विवेक स्मारक का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण का सारथी बताते हुए उन्हें नेशन फर्स्ट (राष्ट्र प्रथम) के मंत्र का पालन करने का संकल्प दिलाया।

स्वामी विवेकानंद और मैसूर का ऐतिहासिक नाता प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के साथ मैसूर के गहरे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि करीब 130 साल पहले एक युवा संन्यासी के रूप में स्वामी जी यहाँ आए थे। तत्कालीन महाराजा ने न केवल उनका स्वागत किया, बल्कि उनके विचारों का समर्थन भी किया, जिसका उल्लेख स्वामी जी ने अमेरिका से लिखे अपने पत्रों में भी किया था।

मातृभाषा में शिक्षा: समानता का नया युग पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार शिक्षा में भाषा की बाधा को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा, स्वामी विवेकानंद समानता को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानते थे। अब मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी उच्च शिक्षा मातृभाषा में उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि भाषा के आधार पर किसी भी युवा के साथ भेदभाव न हो और सबको समान अवसर मिलें।

शिक्षा और स्वास्थ्य का बढ़ता दायरा देश की उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि आज भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 823 हो गई है और एमबीबीएस सीटों की संख्या 1.40 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) को 21वीं सदी के भारत के लिए एक सशक्त माध्यम बताया, जो युवाओं को आत्मविश्वासी बना रही है।

राष्ट्र सेवा का केंद्र बनेगा विवेक स्मारक प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह विवेक स्मारक केवल एक इमारत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज और राष्ट्र के हित को अपनी निजी खुशियों से ऊपर रखें। उन्होंने कहा, स्वामी जी का मंत्र था- जीव सेवा ही शिव सेवा है । हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो राष्ट्र सेवा को ही अपना सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं।

कर्नाटक का साथ, भारत का विकास कार्यक्रम में मौजूद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी पीएम मोदी के संदेश का स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की प्रगति में कर्नाटक की भूमिका अहम है और पूरा राज्य देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर पीएम ने श्री रामकृष्ण आश्रम द्वारा प्रकाशित दो कन्नड़ पुस्तकों का भी लोकार्पण किया।

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