नीट पेपर लीक का दंश: राहुल गांधी ने पीड़ितों के परिजनों से मिलकर सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अव्यवस्थाओं के कारण अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद गांधी ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए देश की शिक्षा प्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

एक बच्चे का जाना, पूरे सिस्टम की विफलता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पीड़ितों के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपनी संतान को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि यह दर्द कभी नहीं भरता, लेकिन इस त्रासदी के पीछे जो टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था है, वह पूरे देश के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है।

मेहनत पर भारी पड़ती पेपर लीक की घटनाएं गांधी ने कहा कि लाखों छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब पेपर लीक होते हैं या परीक्षाएं रद्द की जाती हैं, तो छात्रों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनियमितताओं के कारण छात्रों और अभिभावकों का पूरी परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ गया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही की दरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राहुल गांधी ने ठोस कदमों की वकालत की है। उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गांधी के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर बड़े बदलाव जरूरी हैं ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का निष्पक्ष मूल्यांकन मिल सके।

चेन्नई में संगठनात्मक मंथन पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद राहुल गांधी चेन्नई पहुंचे। यहां वे तमिलनाडु कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान वे आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा करेंगे। एक ओर जहां वे शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनका यह दौरा पार्टी की जमीनी तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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