भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी वीरता से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। इन्हीं में से एक हैं मान्यम वीरुडु यानी जंगलों का नायक—अल्लूरी सीताराम राजू। आज उनकी विरासत को एक नई पहचान मिली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के भोगपुरम में उनके नाम पर समर्पित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया।
आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट और रम्पा क्षेत्र के जंगलों में सक्रिय रहे अल्लूरी सीताराम राजू किसी मसीहा से कम नहीं थे। बेहद कम उम्र में संन्यास लेने वाले राजू ने आदिवासियों के अधिकारों और उनके शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि स्थानीय आदिवासी उन्हें भगवान की तरह पूजते थे। उन्होंने अंग्रेजों के दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संगठित होकर एक ऐसा मोर्चा खड़ा किया, जिसने ब्रिटिश सत्ता की नाक में दम कर दिया था।
साल 1922 में उन्होंने रम्पा विद्रोह का बिगुल फूंका। आधुनिक हथियारों से लैस ब्रिटिश सेना के सामने राजू ने पारंपरिक छापामार (गुरिल्ला) युद्ध नीति को अपना हथियार बनाया। वे घने जंगलों का लाभ उठाकर पुलिस थानों पर अचानक हमला करते, हथियार लूटते और फिर ओझल हो जाते थे। खास बात यह थी कि वे लूट के बाद पुलिस थाने में बाकायदा सूची छोड़कर आते थे कि उन्होंने क्या-क्या कब्जे में लिया है।
अंग्रेजी हुकूमत राजू की बढ़ती ताकत से इतनी खौफजदा थी कि उन्होंने उन्हें पकड़ने के लिए भारी-भरकम फौज और असम राइफल्स को तैनात किया। लंबी जद्दोजहद के बाद, 7 मई 1924 को अंग्रेजों ने उन्हें घेर लिया। महज 27 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान देने वाले राजू को अंग्रेजों ने पेड़ से बांधकर गोली मार दी थी।
उनकी इसी निडर शहादत को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है। हाल के वर्षों में उन्हें मुख्यधारा की पहचान दिलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें उनके नाम पर एक नया जिला बनाना और 2022 में उनकी 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण शामिल है।
अल्लूरी सीताराम राजू की कहानी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही। एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म RRR में अभिनेता रामचरण ने उनके किरदार को जीवंत किया। हालांकि फिल्म का कथानक काल्पनिक था, लेकिन इसने देश के कोने-कोने में इस गुमनाम नायक की वीरता की चर्चा को फिर से जिंदा कर दिया।
आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 5600 करोड़ रुपये की लागत से बना अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आज विकास की नई मिसाल बन गया है। 2700 एकड़ में फैला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है और देश के सबसे तेजी से बनने वाले हवाई अड्डों में से एक है। यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि महान क्रांतिकारी अल्लूरी सीताराम राजू की गौरवशाली गाथा को आने वाली पीढ़ियों के लिए और भी करीब ले आएगा।
Delighted to inaugurate the Alluri Sitarama Raju International Airport at Bhogapuram. This is a landmark project that will strengthen connectivity and accelerate Andhra Pradesh’s growth.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2026
This airport brings together advanced infrastructure and cutting-edge technologies to ensure… pic.twitter.com/9FkHVVh7ua
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