महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। लेकिन शनिवार को मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको चौंका दिया। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष अमित ठाकरे अपने ही कार्यक्रम में भाषण के बीच में अटक गए।
अचानक थमे बोल, फिर मंच से उतर गए अमित मौका था मनसे की विद्यार्थी सेना के 20वें स्थापना दिवस का। भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के जोश के बीच अमित ठाकरे जब भाषण देने के लिए खड़े हुए, तो अचानक उनकी लय टूट गई। कुछ पलों की चुप्पी के बाद उन्होंने बड़ी ईमानदारी से कहा, मुझे क्या बोलना है, सूझ नहीं रहा... मैं याद करके फिर आता हूं। यह कहकर वह सीधे मंच से नीचे उतर गए, जिसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
धड़कन बढ़ गई थी , अमित ने बताया सच थोड़ी देर बाद जब अमित वापस मंच पर लौटे, तो उन्होंने किसी भी तरह का बहाना बनाने के बजाय पूरी सहजता से अपनी चूक स्वीकार की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, मैं भाषण याद करके नहीं आया था और आप सभी को इतनी बड़ी संख्या में देखकर मेरी धड़कन बढ़ गई थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी जोड़ा कि आजकल वह चीजें भूलने लगे हैं।
पिता की ईमानदारी की तारीफ इसी दौरान अमित भावुक भी नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर वह राज ठाकरे के बेटे नहीं होते, तो शायद राजनीति में कभी नहीं आते। अमित ने अपने पिता की ईमानदारी को अपनी प्रेरणा बताते हुए कहा कि वह राजनीति में केवल इसीलिए हैं क्योंकि उनके पिता एक ईमानदार नेता हैं।
विरोधियों पर बरसे, पत्थर वाले बयान पर घेरा भाषण के दौरान अमित ठाकरे अपने पुराने आक्रामक तेवर में भी दिखाई दिए। उन्होंने भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, जो पत्थर फेंके गए, उन्हें चंपा के घर भेज दो। साथ ही, उन्होंने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो छात्र मारो-मारो के नारे लगा रहे थे, वे मुख्यमंत्री के शहर नागपुर से हैं, लेकिन इस पर सीएम की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र अमित ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वे अपनी ताकत को पहचानें। उन्होंने पुलिस और प्रशासन का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह छात्रों के लिए खड़े होते हैं, तो उन्हें राज ठाकरे और महाराष्ट्र सैनिकों की शक्ति का एहसास होता है। अंत में उन्होंने सदस्यता अभियान का शुभारंभ किया और संकल्प लिया कि वह ऐसी विद्यार्थी सेना बनाएंगे जिसका लोहा पूरी दुनिया मानेगी।
भले ही अमित ठाकरे बीच में भाषण भूल गए हों, लेकिन उनकी सादगी और बिना लाग-लपेट के अपनी बात रखने के अंदाज ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया।
*Happens, am sure he will come better prepared next time.
— Singh Varun (@singhvarun) August 1, 2026
Amit Thackeray son of Raj Thackeray forgot his speech midway and left the podium. pic.twitter.com/2IanYxbUZ1
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