इंजीनियरिंग छात्रों पर क्रिमिनल वेस्ट वाली टिप्पणी: रेवंत रेड्डी घिरे, निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर मढ़ा ठीकरा
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अपने एक हालिया बयान को लेकर विवादों के घेरे में हैं। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राज्य के इंजीनियरिंग स्नातकों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए उन्हें क्रिमिनल वेस्ट (आपराधिक बर्बादी) करार दिया। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

क्या है पूरा मामला? रेवंत रेड्डी ने शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर साल 1.10 लाख छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर निकलते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश बुनियादी आवेदन फॉर्म तक भरने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने शिक्षकों को चुनौती देते हुए कहा कि वे स्वयं छात्रों से कोई साधारण आवेदन पत्र भरवाकर देख लें, हकीकत सामने आ जाएगी।

डिग्री है, पर कौशल नहीं सीएम ने आगे कहा कि ऐसे छात्र न तो छोटी-मोटी नौकरी करने को तैयार होते हैं और न ही नया कौशल सीखने में रुचि रखते हैं। उन्होंने इसे क्रिमिनल वेस्ट करार देते हुए कहा कि माता-पिता को वास्तविकता का पता ही नहीं है कि उनके बच्चों ने इंजीनियरिंग तो कर ली है, लेकिन वे रोजगार के लायक नहीं बन पाए हैं।

विपक्ष का तीखा हमला रेवंत रेड्डी के इस बयान पर BRS और BJP ने मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने राज्य के लाखों मेहनती छात्रों का अपमान किया है। सत्ता में बैठे व्यक्ति द्वारा युवाओं के लिए इस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल करना उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर निशाना इस विवाद में अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की एंट्री हो गई है। उन्होंने रेवंत रेड्डी को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि सीएम मूल रूप से विद्यार्थी परिषद से हैं और उनकी सोच सही है, लेकिन वे मजबूर हैं।

दुबे ने तंज कसते हुए कहा, रेवंत रेड्डी की इसमें कोई गलती नहीं है। वे राहुल गांधी के निर्देशों के मुताबिक ही बोलते हैं। उन्हें राहुल गांधी की हर बात माननी पड़ती है, इसलिए वे वही दोहरा रहे हैं जो उनसे कहा जाता है।

सियासी गलियारों में चर्चा बीजेपी सांसद के इस बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। जहां एक ओर विपक्ष रेवंत रेड्डी के इस्तीफे और माफी की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस आलाकमान की विफलता से जोड़कर देख रही है। फिलहाल, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर छात्रों के बीच इस बयान को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

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