यह सिर्फ रंग नहीं, जज्बात हैं : भारतीय हॉकी जर्सी के भगवाकरण पर भड़के नवीन पटनायक
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भुवनेश्वर: भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी ने खेल जगत में एक बड़ा विवाद छेड़ दिया है। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने जर्सी के पारंपरिक नीले रंग को बदले जाने पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है। पटनायक ने इसे खेल का राजनीतिकरण करार दिया है।

नीले रंग का क्या है महत्व?

नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारतीय हॉकी के लिए नीला रंग सिर्फ एक शेड नहीं, बल्कि भारत की खेल विरासत और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह रंग हमारे राष्ट्रीय ध्वज के नीले चक्र से लिया गया है। इस नीली जर्सी को पहनकर ही हमारी टीमों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और विश्व मंच पर राष्ट्रगान गूंजा है।

राजनीति का स्तर बहुत गिर गया है

पटनायक ने इस बदलाव के लिए सीधे तौर पर ओडिशा की बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, पिछली सरकार के जाने के बाद सड़कों, बसों और पुलों का रंग बदलने का जो जुनून बीजेपी सरकार पर सवार है, अब उसने राष्ट्रीय टीम की जर्सी तक को नहीं छोड़ा। यह राजनीति का सबसे निचला स्तर है।

खेल और विरासत से खिलवाड़ का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि जिस तरह अर्जेंटीना की स्ट्राइप्ड जर्सी या ब्राजील की पीली जर्सी उनकी पहचान है, वैसे ही नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने फायदे के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों को बदल रही है, जो देश की सामूहिक यादों और एकता को नुकसान पहुँचाने वाली कोशिश है।

ओडिशा के योगदान को किया याद

पटनायक ने याद दिलाया कि जब भारतीय हॉकी टीम कठिन दौर से गुजर रही थी, तब ओडिशा सरकार ने ही स्पॉन्सर बनकर उसे सहारा दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीमों के रंग किसी राजनीतिक एजेंडे के कारण नहीं बदलने चाहिए। इस फैसले से न केवल हॉकी प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि हॉकी के प्रति ओडिशा के ऐतिहासिक समर्थन को भी कमतर करने का प्रयास किया गया है।

पूर्व ओलंपियन भी हैं खफा

इस विवाद में केवल नवीन पटनायक ही नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी के दिग्गज भी शामिल हो गए हैं। पूर्व कप्तान और ओलंपियन विरेन रास्क्विन्हा ने भी इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नीला रंग भारतीय हॉकी के साथ दशकों से जुड़ी उम्मीद और जीत का प्रतीक रहा है, जिसे अचानक बदलना खेल प्रेमियों के लिए पचाना मुश्किल है।

गौरतलब है कि यह नई जर्सी एफआईएच (FIH) पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप से ठीक पहले लॉन्च की गई है, जो अगस्त के मध्य में नीदरलैंड और बेल्जियम में शुरू हो रहे हैं।

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