उद्धव ठाकरे का बड़ा दावा: क्या जेन-Z ही आधुनिक युग के शिवाजी और ज्ञानेश्वर हैं?
News Image

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को लेकर एक नया विमर्श छेड़ दिया है। उन्होंने जेन-Z (14 से 28 वर्ष के युवा) की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज और संत ज्ञानेश्वर से करते हुए उन्हें साहसी और दूरदर्शी बताया है।

इतिहास से जोड़कर की युवाओं की तारीफ ठाकरे ने कहा, जिन युवाओं को समाज में कई बार कॉकरोच कहकर अपमानित किया गया, वही आज के जेन-Z हैं। इतिहास गवाह है कि जब शिवाजी महाराज ने 17 साल की उम्र में तोरणा किला जीता था, तो उनकी उम्र भी यही थी। संत ज्ञानेश्वर ने भी कम उम्र में ही ज्ञानेश्वरी जैसी महान रचना दी थी। उन दोनों ने भी अपने समय में कड़ा विरोध झेला था, फिर भी वे झुकने के बजाय मुगल साम्राज्य और व्यवस्था से लड़े।

वित्त मंत्री और सरकार पर निशाना ठाकरे ने पेपर लीक के मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, वित्त मंत्री का काम महंगाई को नियंत्रित करना है, न कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को सही ठहराना। पेपर लीक से छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका मिलता है—यह कहना पूरी तरह बेतुका और शर्मनाक है।

संसद से सोशल मीडिया तक जेन-Z का जलवा यह केवल ठाकरे का बयान नहीं है, बल्कि राजनीति में एक नया ट्रेंड दिख रहा है। मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही जेन-Z शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने बिल का समर्थन करते हुए क्लॉक इट (Clock it) जैसे इंटरनेट स्लैंग का इस्तेमाल किया।

प्रियंका गांधी की दो टूक: नजरिया बदलें, कैमरा नहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी युवाओं को साधने के लिए इसी भाषा का सहारा लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, अगर जेन-Z का दिल जीतना है, तो अलग-अलग कैमरा एंगल से वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। पीएम को कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि युवाओं के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। युवाओं के भविष्य के साथ हुए अन्याय की जिम्मेदारी सरकार को लेनी ही होगी।

राजनीतिक गलियारों में जेन-Z का यह प्रभाव साफ दर्शाता है कि भविष्य के चुनावों में युवा मतदाताओं की भूमिका और उनकी भाषा, मुख्यधारा की राजनीति की दिशा तय कर रही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

संसद में पुरानी यादें ताजा: बागी नेताओं पर प्रियंका गांधी और कल्याण बनर्जी की तीखी बहस

Story 1

भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी पर घमासान: खेल या सियासत?

Story 1

शिक्षा का संकट: भारत में 1 लाख सरकारी स्कूल ऐसे, जहां बच्चों का भविष्य सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे

Story 1

संसद के गलियारे में अनोखी बहस: जब प्रियंका गांधी के सामने कल्याण बनर्जी ने याद दिलाए पुराने दिन

Story 1

बैंक नहीं सुन रहा आपकी शिकायत? अब RBI के पास है समाधान, जानें क्या करें और क्या नहीं

Story 1

सावन 2026: ज्योतिर्लिंग और कांवड़ यात्रा अब होगी आसान, रेलवे ने चलाईं स्पेशल ट्रेनें

Story 1

रामायण के ट्रेलर पर भड़के दर्शक: मेकर्स पर लगा एकता कपूर सीरियल जैसा लुक देने का आरोप

Story 1

रामायण ट्रेलर में आखिर कौन है भगवान विष्णु? एक झलक ने फैंस में मचाई खलबली

Story 1

त्रेता युग में ऐसे कपड़े? : रामायण के ट्रेलर से ज्यादा कॉस्ट्यूम्स की हो रही चर्चा, यूजर्स ने लिए मजे

Story 1

महेश बाबू, प्रियंका और निक की मूवी नाइट : वाराणसी के सेट से बाहर आई ये खास तस्वीरें