मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को किसानों का एक नया तेवर देखने को मिला। किसान क्रांति पैदल यात्रा के जरिए राज्य के कई जिलों से आए किसान अब सीधे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे हैं। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह है कि इसकी कमान पुरानी पीढ़ी के बजाय युवा और जेन-जी किसान संभाल रहे हैं।
कृषि मंत्री से वार्ता विफल, आंदोलन तेज मंगलवार देर रात कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने प्रदर्शनकारी किसानों को मनाने की कोशिश की, लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सरकार से कोई लिखित आश्वासन न मिलने से नाराज किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस तक जाकर रहेंगे।
सरकार पर धोखाधड़ी के आरोप किसानों का आरोप है कि सरकार ने खुद मूंग की खेती को बढ़ावा दिया, लेकिन अब फसल तैयार होने पर खरीद से पीछे हट रही है। इससे किसानों को प्रति एकड़ 10-12 हजार रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। किसानों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की खींचतान में किसान पिस रहा है।
दो प्रमुख मांगों पर अड़े किसान हालांकि किसानों की कई मांगें हैं, लेकिन उनका पूरा जोर दो मुख्य बिंदुओं पर है:
सड़क पर ही बनाया खाना, प्रशासन सकते में भोपाल पहुंचने वाले ये किसान नर्मदापुरम और आसपास के 12 जिलों से आए हैं। प्रशासन को चकमा देकर पहुंचे इन किसानों ने सड़क पर ही चूल्हा जलाकर दाल-बाटी बनाई और वहीं डेरा डाल दिया। किसानों का संकल्प है कि वे महीने भर का राशन लेकर आए हैं और मांगें पूरी होने तक यहां से नहीं हटेंगे।
आम जनजीवन प्रभावित, स्कूल बंद इस आंदोलन के चलते भोपाल में आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और शहर में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नर्मदापुरम रोड और आसपास के मार्गों के लिए रूट डायवर्जन किया गया है।
आंदोलनकारी युवाओं ने चेताया है कि जिस तरह दिल्ली में युवाओं की ताकत सरकार ने देखी थी, वही नजारा भोपाल में भी दोहराया जा सकता है। फिलहाल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन लगातार किसानों को हटाने के प्रयास में जुटा है।
*Bhopal, Madhya Pradesh: A farmer says, The government has not given any assurance so far. However, the farmers have come with a firm resolve that they will continue their protest until the government issues immediate orders on their key demands. The movement will continue and… pic.twitter.com/tIDAumS6cE
— IANS (@ians_india) July 29, 2026
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