परीक्षा सुधार समिति में गोमूत्र विशेषज्ञ का क्या काम? प्रियंका गांधी के तंज से गूंजी लोकसभा
News Image

लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। परीक्षा सुधारों के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तंज कसा कि इसमें शामिल सदस्य शिक्षा के क्षेत्र से नहीं हैं।

गोमूत्र विशेषज्ञ पर विपक्ष में ठहाके प्रियंका ने समिति की संरचना पर कटाक्ष करते हुए कहा, इस नई कमेटी में एक पूर्व आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक गोमूत्र के विशेषज्ञ भी हैं। इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता जी? प्रियंका के इतना कहते ही पूरा विपक्ष ठहाके मारकर हंसने लगा। स्पीकर ओम बिरला भी इस टिप्पणी पर मुस्कुराते नजर आए।

कौन हैं वी. कामकोटि, जिन पर साधा निशाना? प्रियंका का इशारा आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि की ओर था। कामकोटि ने पिछले वर्ष एक कार्यक्रम में गोमूत्र के कथित वैज्ञानिक गुणों के बारे में दावा किया था। उन्होंने इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल होने की बात कही थी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी।

समिति में कौन-कौन शामिल है? सरकार द्वारा गठित इस कमेटी में नंदन नीलेकणि (तकनीक विशेषज्ञ), एस. सोमनाथ (पूर्व इसरो अध्यक्ष), तपन डेका (पूर्व आईबी निदेशक), वी. कामकोटि (आईआईटी मद्रास निदेशक), अनिता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव) और अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ) शामिल हैं। प्रियंका का तर्क है कि इस तरह के विषयों के विशेषज्ञों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बेमानी है।

छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों? अपने भाषण की शुरुआत में प्रियंका ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में घायल छात्रा से मुलाकात का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आतंकवादी की तरह क्यों निपटाया गया? उन्होंने सरकार से इस कार्रवाई का आदेश देने वाले का नाम सार्वजनिक करने की मांग की।

पेपर लीक और युवाओं का भविष्य प्रियंका ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीकरण किया गया है और बजट बढ़ाया नहीं गया। उन्होंने कहा, सरकार छात्रों को सड़कों से हटा सकती है, लेकिन उनके तीखे सवालों को नहीं।

अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलने की जरूरत है ताकि वे युवाओं के दर्द को समझ सकें।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

रयान टेन डोएशेट का इस्तीफा: टीम इंडिया को बड़ा झटका, क्या केकेआर में वापसी की तैयारी है?

Story 1

कांग्रेस के दौर में भी लीक हुए पेपर : एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में जितेंद्र सिंह का तीखा प्रहार

Story 1

सोया चाप फैक्ट्री का घिनौना वीडियो वायरल: क्या ये नोएडा का है? जानिए फूड डिपार्टमेंट का सच

Story 1

एनटीए का गणित फंसा: 34 पदों वाली संस्था में 47 अफसरों पर कार्रवाई कैसे? संसद में गौरव गोगोई के तीखे सवाल

Story 1

दिल्ली-NCR में फिर आसमानी आफत : भारी बारिश से सड़कें बनीं दरिया, घंटों जाम में फंसी जनता

Story 1

प्यार का खौफनाक अंत: शादी से मुकरा प्रेमी, चलती बाइक से युवती को घसीटा

Story 1

राहुल गांधी और अखिलेश पर भड़के गिरिराज सिंह, बोले- सदन को बंधक बना लिया है

Story 1

श्रीलंका के खिलाफ करो या मरो की जंग: WTC फाइनल की राह में टीम इंडिया के लिए क्या है दांव पर?

Story 1

विपक्ष ने सदन को बनाया बंधक, छात्रों के प्रति नहीं है कोई सहानुभूति: गिरिराज सिंह

Story 1

इंडियाज गॉट लेटेंट 2: क्या लीक हो गया राघव-मुनव्वर का एपिसोड? समय रैना ने खोला राज