जापान एक बार फिर भीषण भूकंप की चपेट में है। दक्षिणी जापान के कुमामोतो क्षेत्र में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप ने तबाही मचा दी है। इस झटके के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और तटवर्ती क्षेत्रों में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
भूकंप की विनाशकारी शक्ति जापान की मौसम एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप शिंदो 7 पैमाने पर दर्ज किया गया, जो तीव्रता का उच्चतम स्तर है। इस स्तर पर जमीन इतनी बुरी तरह कांपती है कि किसी का भी सीधा खड़ा रहना नामुमकिन हो जाता है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और करीब 48,300 घरों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है।
सतह के बेहद करीब था केंद्र वैज्ञानिकों ने बताया कि भूकंप का केंद्र कुमामोतो प्रिफेक्चर के उकी और उतो शहरों के पास था। यह हलचल जमीन के नीचे मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर हुई। केंद्र सतह के बेहद करीब होने के कारण झटकों की तीव्रता इतनी अधिक महसूस की गई कि कुमामोतो कैसल जैसी ऐतिहासिक इमारतों की दीवारें भी ढह गईं।
क्यों आई यह तबाही? यह भूकंप क्रस्टल अर्थक्वेक के कारण आया। यह समुद्र के अंदर नहीं, बल्कि फुतागावा-हिनागु फॉल्ट जोन में चट्टानों के आपस में रगड़ खाने से पैदा हुआ। यही वह फॉल्ट लाइन है जिसने साल 2016 में भी कुमामोतो में भारी विनाश किया था। इसमें जमीन के दो हिस्से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में खिसकते हैं, जिससे जबरदस्त ऊर्जा निकलती है।
क्यों कांपता रहता है क्युशू द्वीप? क्युशू क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से बेहद अस्थिर है। फिलीपीन सी प्लेट हर साल लगभग 4 से 5 सेंटीमीटर की रफ्तार से जापान के नीचे धंस रही है। इसके अलावा, यह इलाका बेप्पू-शिमाबारा ग्राबेन बेल्ट पर स्थित है, जो धीरे-धीरे चौड़ा हो रहा है। जीपीएस डेटा से पता चलता है कि यहाँ की जमीन में लगातार तनाव बना रहता है, जिससे फॉल्ट लाइन्स किसी भी समय क्रैक हो सकती हैं।
सुनामी का अलर्ट और 2011 से अंतर भले ही यह एक जमीनी फॉल्ट का भूकंप था, लेकिन उथले समुद्र (अरियाके और यात्सुशिरो) के करीब होने के कारण समुद्र के तल में हलचल की आशंका बनी रही। एहतियातन 1 मीटर ऊंची सुनामी लहरों की चेतावनी जारी की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह 2011 के विनाशकारी टोहोकू भूकंप से बिल्कुल अलग है। टोहोकू एक मेगाथ्रस्ट भूकंप था जो समुद्र की गहराइयों में प्लेटों के धंसने से आया था, जबकि कुमामोतो का यह भूकंप एक उथला और स्थानीय फॉल्ट लाइन विवाद है। दोनों घटनाओं के पीछे की भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से भिन्न हैं।
📍 Kumamoto, Japan 🇯🇵
— Indian Observer (@ag_Journalist) July 28, 2026
📅 28/07/2026
A major earthquake strikes Kumamoto injuring at least 50 people, trapping shoppers in a mall and cutting power to 40,000 homes as a tsunami warning is issued #Kumamoto #Japan #Earthquake #Kyushu #JapanQuake
#Japan #Earthquake #Tsunami… https://t.co/gUcjdaIeGP pic.twitter.com/BiMvNpud0T
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