करूर भगदड़: पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने पर मद्रास हाई कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को बड़ा झटका
News Image

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु की विजय सरकार के एक बड़े फैसले पर रोक लगा दी है। करूर भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के राज्य सरकार के आदेश को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन जस्टिस सीवी कार्तिकेयन और जस्टिस आर शक्तिवेल की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अनुकंपा के आधार पर दी गई ये नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 16 (अवसर की समानता) का सीधा उल्लंघन हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों में पहले से ही नौकरी के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट मौजूद है। ऐसे में उनकी अनदेखी कर केवल एक विशेष घटना के पीड़ितों को प्राथमिकता देना संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने चेतावनी दी कि ऐसा करने से भविष्य में इस तरह की मांगों की बाढ़ आ जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सौंपे थे नियुक्ति पत्र गौरतलब है कि इसी साल 10 जुलाई को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ में मारे गए 41 लोगों के परिवारों के 32 सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे थे। सरकार का तर्क था कि यह फैसला मानवीय आधार पर प्रभावित परिवारों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

सरकार बनाम याचिकाकर्ता की दलीलें राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी थी कि इससे पहले तूतीकोरिन गोलीकांड में भी इसी तरह से पीड़ितों को नौकरियां दी गई थीं। वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकील ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि तमिलनाडु में 39 लाख युवा बेरोजगार हैं। नियमित भर्ती प्रक्रिया को नजरअंदाज कर किसी को विशेष छूट देना गलत है।

क्या था करूर हादसा? 27 सितंबर 2025 को करूर में टीवीके की एक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। अनुमति केवल 10,000 लोगों की थी, लेकिन वहां 50,000 तक लोग जमा हो गए थे। विजय की देरी से हुई एंट्री के कारण भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक घायल हुए थे।

हादसे के बाद सरकार ने हर मृतक परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी, जबकि टीवीके ने अलग से 20 लाख रुपये की सहायता दी थी। अब नौकरी वाले फैसले पर लगी रोक ने सरकार के लिए नई कानूनी चुनौती खड़ी कर दी है। पीड़ितों के परिजनों ने कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पांचवें दिन भारत की ऐतिहासिक जीत, पदकों की बौछार से गूंजा स्टेडियम

Story 1

दो बच्चों का बाप बनने वाला हूं भाई : फैन के फ्लर्ट पर रणवीर सिंह ने दिया ऐसा जवाब, वीडियो हुआ वायरल

Story 1

संसद में NDA का मंगल मिलन : TMC के बागियों की एंट्री से गरमाया माहौल

Story 1

IND vs SL: श्रीलंका दौरे के लिए हुआ टीम इंडिया का ऐलान, 8 महीने बाद इस दिग्गज की धमाकेदार वापसी

Story 1

बैंक ऑफ बड़ौदा का डेटा लीक: क्या सुरक्षित हैं आपके पैसे? बैंक ने दी बड़ी सफाई

Story 1

दिल्ली की नसीहत और पंजाब की चुप्पी: क्या पेपर लीक के जाल में फंसी केजरीवाल की पार्टी?

Story 1

टेस्ट क्रिकेट के किंगमेकर : भारत के वे 10 दिग्गज जिन्होंने एक मैच में लिए हैं सबसे ज्यादा 10 विकेट

Story 1

पेपर लीक पर गर्म हुई सियासत: निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला, कहा- ये खुद हैं पेपर लीक के असली किंग

Story 1

संसद में पेपर लीक पर संग्राम: विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला, सख्त कानून पर घमासान

Story 1

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो क्यों हैं विवादों में? हिंदू राष्ट्र और संविधान पर पुराने बयानों ने मचाया बवाल