जंतर-मंतर का खाना खिलाने वाला जुनैद कहां गायब था? करोड़ों की फंडिंग और पुलिस हिरासत का सच
News Image

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान चर्चा में आए जुनैद फिर सुर्खियों में हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए जश्न से उनकी गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। अब जुनैद ने खुद अपनी गुमशुदगी और पुलिस हिरासत का दावा किया है।

पुलिस हिरासत और मसूरी का सफर एक बातचीत में जुनैद ने दावा किया कि 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। उनके अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद जब वह आरएमएल अस्पताल से टीका लगवाकर लौट रहे थे, तभी एक सफेद स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उन्हें अगवा कर लिया। जुनैद का आरोप है कि उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और अगली सुबह उन्हें उत्तराखंड के मसूरी में छोड़ दिया गया। हालांकि, उन्होंने माना कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी नहीं की।

करोड़ों की फंडिंग का सच? सोशल मीडिया पर चर्चा है कि जंतर-मंतर पर एक महीने तक चले खाने-पीने के इंतजाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। इस पर जुनैद ने सफाई दी है कि उन्हें कोई नकद या ऑनलाइन फंडिंग नहीं मिली। उनके मुताबिक, लोग स्वेच्छा से पानी, बिस्किट और बना-बनाया खाना लेकर आते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बड़ी राशि उनके हाथों से नहीं गुजरी, बल्कि यह एक सामुदायिक सहयोग था।

CJP से दूरी का दर्द जुनैद ने यह भी स्वीकार किया कि आंदोलन के बाद CJP के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें वैसी उम्मीद नहीं मिली, जैसी उन्हें थी। उन्होंने कहा कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके से उनकी सीधी बात नहीं हुई है। हालांकि, CJP की लीगल टीम से जुड़ी रत्ना ने उनसे संपर्क किया था। जुनैद ने दबी जुबान में माना कि उन्हें लग रहा है कि संगठन उनसे दूरी बना रहा है।

अगला कदम क्या? पेशे से वकील जुनैद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन के दौरान मजबूती से खड़े रहे, इसलिए अब संगठन को भी उनके साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि उनके मामले के लिए एक विशेष कानूनी टीम गठित की जाए। फिलहाल, जुनैद की यह कहानी विरोध-प्रदर्शनों की राजनीति और उसके पीछे के अनसुलझे सवालों को फिर से हवा दे रही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

IT रिटर्न की आखिरी दौड़ में तकनीकी ब्रेक: पोर्टल ठप होने से करोड़ों टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन

Story 1

मेरा लक्ष्य बस बड़ा स्कोर बनाना है : 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया धमाका, प्लेयर ऑफ द सीरीज बनकर तोड़े कई रिकॉर्ड

Story 1

क्या वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक अंदाज बिगाड़ रहा है साथी ओपनर्स का खेल? सहवाग के बयान से मचा हड़कंप

Story 1

देश के लिए पहला मेडल जीता, पर गोल्ड न ला पाने का मलाल : भारत लौटे पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार

Story 1

सीवान छात्र आंदोलन: AK-47 लहराने वाले पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, सस्पेंड हुआ अभिषेक पटेल

Story 1

चलती ट्रेन के AC कोच में जलता दीया-अगरबत्ती, यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ का वीडियो वायरल

Story 1

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी: पुलिस पर हमले के आरोप में जेल, हो सकती है 10 साल की सजा

Story 1

15 साल के वैभव का धमाका: जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के हीरो बने नन्हे सुल्तान

Story 1

T20 की जीत के बाद अब टेस्ट मिशन: कब और किसके खिलाफ होगी टीम इंडिया की अगली भिड़ंत, जानें पूरा शेड्यूल

Story 1

पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं: संसद में आज पेश होगा सख्त पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल