तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी: पुलिस पर हमले के आरोप में जेल, हो सकती है 10 साल की सजा
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बिहार के पूर्व मंत्री और जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव मुश्किलों में घिर गए हैं। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए बिहार बंद के दौरान पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया गया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है।

क्या है मामला?

घटना 25 जुलाई की है, जब CJP-AISA द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान पटना के गांधी मैदान में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। आरोप है कि तेज प्रताप यादव के नेतृत्व में करीब 1,000 लोगों की भीड़ ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान गेट नंबर 10 पर तैनात पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिसमें थानाध्यक्ष समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

कानूनी शिकंजा और सजा का प्रावधान

पटना के गांधी मैदान थाने में दर्ज FIR में तेज प्रताप को नामजद किया गया है। उन पर लगी गंभीर धाराओं में धारा 109 भी शामिल है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, यदि दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। पुलिस का कहना है कि भीड़ का फायदा उठाकर वे घटना के तुरंत बाद फरार हो गए थे, लेकिन बाद में शनिवार शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बचाव पक्ष: गिरफ्तारी गलत और राजनीति से प्रेरित

तेज प्रताप के वकील जगन्नाथ सिंह ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय और FIR दर्ज होने के समय में भारी विसंगति है। वकील का दावा है कि शनिवार सुबह उन्हें हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया था, लेकिन शाम को फिर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सोमवार को अदालत में जमानत याचिका दाखिल करने की बात कही है।

भाई तेजस्वी यादव का कड़ा रुख

छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस गिरफ्तारी को दमनात्मक कार्रवाई करार दिया है। तेजस्वी ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, मेरे भाई को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। यदि बंद समर्थकों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए, तो हम बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने सम्राट चौधरी और भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

प्रशांत किशोर का बड़ा दावा

जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप को निशाना बनाने का मुख्य कारण उनका जन सुराज को समर्थन देना है। किशोर ने कहा, प्रशासन भाजपा के इशारे पर हमारे समर्थकों को परेशान कर रहा है। तेज प्रताप ने उपचुनाव में हमें समर्थन देने की घोषणा की थी, शायद उसी की सजा उन्हें मिल रही है।

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