NEET परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के लिए एक बड़ी जीत के रूप में सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर जुटे छात्रों ने इस इस्तीफे को अपना मिशन पूरा होने की पहली कड़ी बताया है।
मंत्री गए, अब पुलिस की बारी? जश्न के बीच CJP अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने मंच से दिल्ली पुलिस के तीन आला अधिकारियों—DCP संदीप लांबा, DCP सचिन शर्मा और ACP अजय शर्मा—का नाम लेते हुए तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री का इस्तीफा महज शुरुआत है।
3 अधिकारियों को सीधे निशाने पर लिया दिपके ने 20 तारीख को प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, जब हमने केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या हो? DCP संदीप लांबा, DCP सचिन शर्मा और ACP अजय शर्मा याद रखें, मोदी और अमित शाह के नाम पर जो लाठियां चलवाई हैं, उसका हिसाब देना होगा।
कौन हैं ये अधिकारी?
DCP सचिन शर्मा: 2014 बैच के IPS अधिकारी, जो नई दिल्ली जिले का कार्यभार संभाल रहे हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग जैसे अति संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में थी। प्रदर्शनकारी उनके द्वारा नियंत्रित सुरक्षा घेरे और कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
अतिरिक्त DCP संदीप लांबा: दिल्ली पुलिस के DANIPS कैडर के अधिकारी लांबा का नाम तब सुर्खियों में आया था जब सोशल मीडिया पर एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित बदसलूकी और थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था। CJP उन पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ा हुआ है।
ACP अजय शर्मा: विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के आरोपों में ACP अजय शर्मा का नाम भी चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान न केवल छात्रों को निशाना बनाया गया, बल्कि कुछ ऐतिहासिक और क्रांतिकारी हस्तियों से जुड़ी पुस्तकों के साथ भी अनादर का व्यवहार हुआ।
छात्रों की अगली मांगें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP ने अपनी दो प्रमुख मांगें और रखी हैं। पहली, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा। दूसरी, प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि वे इतने पर रुकने वाले नहीं हैं। सरकार और प्रशासन के आला अधिकारियों के लिए यह चुनौती अब और भी विकट होती दिख रही है क्योंकि छात्रों का यह आंदोलन अब केवल परीक्षा सुधारों तक सीमित नहीं रहा है।
There s no need to be afraid. This is democracy. He has resigned, but we have two more demands. We won t go like this. Dharmendra Pradhan has resigned. But the families of the children who committed suicide should receive compensation of one crore rupees. They should get it. One… pic.twitter.com/N8cT0DFAPH
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 25, 2026
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