राहुल गांधी का नया दांव: साहिल के बाद अब इन दो महिला छात्र नेताओं को मीडिया के सामने लाकर सरकार को घेरा
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। साहिल के बाद अब शनिवार (25 जुलाई) को उन्होंने दो और महिला छात्र नेताओं को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश कर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

कौन हैं ये दो छात्राएं? राहुल गांधी द्वारा पेश की गई दोनों छात्राएं ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) से जुड़ी हैं। पहली छात्रा अंजलि हैं, जो दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025 की उम्मीदवार हैं। अंजलि 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।

दूसरी छात्रा नेहा हैं, जो जंतर-मंतर पर अपने साथियों के साथ 23 दिनों से भूख-हड़ताल पर बैठी थीं। राहुल गांधी ने इन छात्राओं के माध्यम से छात्रों के आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई धार देने की कोशिश की है।

राहुल गांधी ने क्या गंभीर आरोप लगाए? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा, मैंने भूख-हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात की। हमारी चर्चा आंदोलन के मुद्दों, शिक्षा प्रणाली पर कथित कैप्चर और आरएसएस के प्रभाव पर केंद्रित रही।

उन्होंने घायल अंजलि को मीडिया के सामने दिखाते हुए कहा कि सरकार की लाठियां निहत्थे युवाओं के सिर फोड़ रही हैं और उनके पैर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पैलेट गन के इस्तेमाल जैसी घटनाओं को नकार कर झूठ बोल रही है।

पीएम मोदी से मांगी माफी राहुल गांधी ने इस पूरी हिंसा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरी मशीनरी के मुखिया होने के नाते पीएम मोदी को छात्रों के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

साथ ही, उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले आयोजकों और दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

साहिल का मामला: क्या सरकार बोल रही है झूठ? इससे पहले राहुल गांधी ने साहिल नाम के युवक को सामने रखा था, जिसकी आंख में कथित तौर पर पैलेट गन से चोट आई है। राहुल का दावा है कि जिस समय यह युवक तिरंगा लेकर खड़ा था, उस पर गोलियां चलाई गईं।

राहुल ने कहा, ये छात्र पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें अपराधी की तरह पीटा गया। गौरतलब है कि पेपर लीक के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन में अब तक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और पत्रकार भी घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने मामले में कई एफआईआर दर्ज कर कैमरों के जरिए प्रदर्शनकारियों की पहचान शुरू कर दी है।

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