वांगचुक का अनशन टूटा, सियासत गरमाई: इमरान मसूद ने साधा निशाना, पूछा- क्या हुई निजी डील ?
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NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। जैसे ही वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में जूस पीकर अनशन तोड़ा, देशभर में एक नया राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

इमरान मसूद का तीखा हमला

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वांगचुक के आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए हैं। मसूद ने उनकी तुलना अन्ना हजारे से करते हुए इसे सरकार के साथ निजी डील करार दिया है। उन्होंने कहा, जब 45 सांसद आपके पास गए, तब आपने अनशन नहीं तोड़ा, लेकिन दो मंत्रियों के आते ही आप मान गए। यह क्या डील है?

मसूद ने पुरानी यादें ताजा करते हुए तंज कसा कि जो बीजेपी कल तक वांगचुक को चीनी एजेंट कहती थी, आज वही उनकी सबसे बड़ी हमदर्द बन गई है। उन्होंने चुनौती दी कि जब तक जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे नहीं होंगे, तब तक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आएगा।

वांगचुक ने क्यों तोड़ा अनशन?

सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में अपना अनशन समाप्त किया। उनके अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज न करने, संसद में पेपर लीक पर चर्चा करने और पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। वांगचुक ने बताया कि 65 सांसदों की अपील और देश में संभावित हिंसा को टालने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया।

बीजेपी का पलटवार

इमरान मसूद के बयानों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस क्रेडिट न मिल पाने की हताशा में वांगचुक का अपमान कर रही है। बीजेपी का तर्क है कि सरकार ने बातचीत के जरिए मुद्दा सुलझाया है, जबकि कांग्रेस केवल अपने अहंकार के कारण इस आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

आंदोलन अभी जारी रहेगा

भले ही वांगचुक ने अनशन तोड़ दिया हो, लेकिन विरोध पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि उनका जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। CJP ने इमरान मसूद द्वारा वांगचुक पर की गई टिप्पणी की भी निंदा की और इसे युवाओं के संघर्ष का अपमान बताया।

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