ओमान की खाड़ी में शुक्रवार को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत अमेरिकी सेना ने एम/टी लैविन (M/T Lavin) नामक कमर्शियल जहाज के इंजन रूम को तबाह कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
चार चेतावनियों के बाद लिया गया एक्शन अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि एम/टी लैविन ने कम से कम चार बार नाकेबंदी पार करने की दुस्साहसिक कोशिश की थी। चालक दल को बार-बार रुकने का आदेश दिया गया, लेकिन अनसुनी करने पर अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर गोलाबारी कर उसे बीच समुद्र में ही निष्क्रिय कर दिया।
ईरान का पलटवार: अमेरिकी बेस बने निशाना इस घटना के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत के उदैरी स्थित अमेरिकी बेस के तीन गोला-बारूद शेड तबाह कर दिए हैं। साथ ही, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के वाॅचटावर को भी निशाना बनाया गया है। इराक के इरबिल में भी अमेरिकी सेना ने विस्फोटक लदे पांच ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।
परमाणु स्थलों पर अमेरिका की टेढ़ी नजर जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने उत्तरी ईरान के नौसैनिक अड्डों और केशम द्वीप पर भीषण बमबारी की है। ईरान के इस्फ़हान प्रांत में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जहां देश के प्रमुख परमाणु स्थल और हवाई अड्डे स्थित हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस सैन्य अभियान का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में ईरान की बाधा पैदा करने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है।
अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता लगभग बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 96 डॉलर तक पहुंच गई हैं। अमेरिका में भी गैस की कीमतें 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई हैं, जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।
मानवीय संकट और अनिश्चित भविष्य 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक 3,434 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने चेतावनी दी है कि समुद्र में फंसे करीब 400 जहाजों पर 6,000 नाविक बिना भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता के जीवन बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत और कार्रवाई दोनों के विकल्प खुले रखने की बात कही है, वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ईरान अमेरिका की किसी भी दादागिरी के आगे झुकने वाला नहीं है।
BREAKING: Earlier tonight, an Iranian ballistic missile successfully struck the headquarters of the U.S. Navy s Fifth Fleet in Manama, the capital of Bahrain. This footage captures the moment of impact of the ballistic missile launched by the IRGC Aerospace Force from Iran. pic.twitter.com/tNHUO0ryt5
— Babak Taghvaee - The Crisis Watch (@BabakTaghvaee1) July 25, 2026
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