बढ़ता तनाव और बड़ा दावा मध्य पूर्व में जारी संघर्ष एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में युद्ध का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है।
थाड और पैट्रियट सिस्टम मलबे में तब्दील ईरान के आधिकारिक पोर्टल सिपाह न्यूज के अनुसार, इन सटीक मिसाइल और ड्रोन हमलों में अमेरिका की सुरक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुंचा है। IRGC का दावा है कि जॉर्डन में अमेरिका के थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और C-RAM रडार को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। हमलों के बाद बेस पर मौजूद ईंधन टैंक और हेलीकॉप्टर हैंगर जलकर खाक हो गए।
कुवैत पर भी ड्रोन से प्रहार हमलों का दायरा केवल जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा। ईरान ने कुवैत के अल-अदीरी कैंप और अली अल-सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया। कुवैती रक्षा विभाग ने अपने हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की पुष्टि की है। कुवैत का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के कई ड्रोनों को मार गिराया है, जिसके कारण रात में जोरदार धमाके सुनाई दिए।
ईरान का तर्क: संप्रभुता की रक्षा अपने हमलों को जायज ठहराते हुए IRGC ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जॉर्डन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है। ईरान का तर्क है कि जॉर्डन की धरती पर अमेरिकी सेना की मौजूदगी ही वहां की संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा खतरा है, इसलिए इन ठिकानों को निशाना बनाना एक वैध और आवश्यक कदम था। जॉर्डन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रंप की चेतावनी: अमेरिका का भीषण पलटवार ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त सैन्य कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ उनका ऑपरेशन लगातार 12वीं रात भी जारी रहा। अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर घुसकर उसके मिसाइल भंडारण अड्डों, ड्रोन सेंटर्स, तटीय निगरानी चौकियों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की है।
क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ रही यह सैन्य तनातनी किसी बड़े वैश्विक युद्ध के संकेत दे रही है।
IRAN CLAIMS STRIKES ON U.S. BASES IN KUWAIT & JORDAN:
— Global War Monitor (@GWarMonitor) July 23, 2026
Tehran says drone strikes hit warehouses, fuel tankers, and an ammo depot at the Al-Doha, Al-Salem, and Arifjan bases in Kuwait and destroyed a THAAD radar, a Patriot system, and a C-RAM radar in Jordan. 🇮🇷🎯🇺🇸 pic.twitter.com/xHBE33UlX6
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