संसद का मानसून सत्र इस समय एक अभूतपूर्व सियासी अखाड़े में तब्दील हो चुका है। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की गूंज अब देश की सबसे बड़ी पंचायत को हिला रही है। विपक्ष का आर-पार का मूड और सरकार का बचाव, दोनों के बीच सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है।
लोकसभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों, विशेषकर बेटियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, आखिर पुलिस को हमारी बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को सदन के भीतर आकर जवाब देने की चुनौती देते हुए इसे करोड़ों युवाओं के भविष्य का मुद्दा करार दिया।
सदन का गतिरोध तब और बढ़ गया जब मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस किसी भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहली शर्त है—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। विपक्ष का मानना है कि इतनी बड़ी विफलता के बाद मंत्री का पद पर रहना अनैतिक है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि सरकार तीन दिनों से चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल राजनीतिक तमाशा कर रहा है।
सदन के हंगामे के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक नया विवाद छेड़ दिया है। दुबे ने दावा किया कि प्रदर्शन के पीछे बांग्लादेश, पाकिस्तान और कुछ अन्य इस्लामिक देशों का समर्थन है। उन्होंने कांग्रेस पर देश विरोधी तत्वों के साथ मिलकर भारत में अस्थिरता पैदा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। यह बयान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच की दूरी को और बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।
इस पूरे बवंडर के केंद्र में NEET-UG 2026 की परीक्षा प्रणाली है। सीबीआई जांच में सामने आया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विशेषज्ञों ने मोटी रकम लेकर परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र लीक किए थे। अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा की गोपनीयता भंग होना सरकार की नाकामी है, जबकि सरकार का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने INDI गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष संसदीय मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्षी दल गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाकर लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं।
संसद में जारी यह गतिरोध अब केवल परीक्षा सुधारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। फिलहाल, सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने से साफ है कि आने वाले दिनों में यह तनाव और गहरा सकता है। देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई बीच का रास्ता निकलेगा या संसद का सत्र इसी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।
Opposition MPs Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, Priyanka Gandhi with others protest against the Modi government s mishandling of the students movement, and the continuation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan in office. pic.twitter.com/xn3DrAGxnb
— शुभम महेश (@imShubhamMahesh) July 22, 2026
राहुल गांधी के साथ गलबहियां, फिर सदन में समझौता का आरोप: अखिलेश यादव का 24 घंटे में बदला रुख?
जंतर-मंतर बना अखाड़ा: प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी के बाद पुलिस का लाठीचार्ज, कई अधिकारी घायल
16 साल की जंग और ललित मोदी की घर वापसी: जो कहा वही सच साबित हुआ
CJP प्रोटेस्ट लाठीचार्ज: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को भेजा नोटिस, सरकार ने कहा- यह सिर्फ पब्लिक स्टंट
सस्टेनेबिलिटी सिर्फ एक ट्रेंडी शब्द नहीं, अस्तित्व की जंग है: श्रिया पिलगांवकर
NEET प्रोटेस्ट में पहुंचीं एक्ट्रेस आयशा खान को पुलिस ने लिया हिरासत में, वीडियो वायरल
पटना में बेकाबू हुआ छात्रों का प्रदर्शन: BJP विधायक की गाड़ी पर हमला, समर्थकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
टीम इंडिया से किनारा, इंग्लैंड में हुंकार: कुलदीप यादव का बड़ा दांव!
संसद में इंडिया गठबंधन में फूट? नीट मुद्दे पर अखिलेश यादव और कांग्रेस में तीखी बहस
सोने से भी महंगे हुए ये बंदर: चीन की लैब में आखिर क्यों मचा है मकॉक के लिए हाहाकार?