रोहित शर्मा की पिक्चर अभी बाकी है : क्या गंभीर और अगरकर लिखेंगे 2027 वर्ल्ड कप का सही क्लाइमैक्स?
News Image

क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत है, फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी है। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित शर्मा ने अपने आलोचकों और मीडिया रिपोर्ट्स को इसी अंदाज में करारा जवाब दिया है। 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जब भारतीय मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया, तब हिटमैन चट्टान बनकर खड़े रहे। 110 गेंदों में 138 रनों की उनकी पारी भले ही टीम को जीत न दिला सकी हो, लेकिन इसने 2027 वर्ल्ड कप को लेकर करोड़ों फैंस की उम्मीदों को नई जान दे दी है।

आलोचकों के लिए ‘लार्ड्स’ से लाउड मैसेज वनडे क्रिकेट में 388 रनों का पीछा करना किसी भी टीम के लिए पहाड़ चढ़ने जैसा होता है। लेकिन जब तक रोहित क्रीज पर थे, जीत मुमकिन लग रही थी। यह लॉर्ड्स के मैदान पर किसी भी भारतीय का पहला शतक था, जिसने उन तमाम चर्चाओं को खारिज कर दिया जिनमें उनके करियर के अंत की बात की जा रही थी। रोहित की यह पारी सिर्फ एक स्कोर नहीं, बल्कि यह संदेश है कि वनडे फॉर्मेट में वह आज भी टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं।

रूमर्स की राख से निकला अग्रेसन मैच से पहले चल रही खबरों ने कि रोहित को 2027 वर्ल्ड कप प्लान से ड्रॉप किया जा सकता है, फैंस के साथ-साथ खुद खिलाड़ी के भीतर भी एक चिंगारी सुलगा दी थी। हालांकि बीसीसीआई ने इन अफवाहों को खारिज किया, लेकिन इसका असर रोहित के खेल में साफ दिखा। लॉर्ड्स की पारी उसी गुस्से और जुनून का एक शानदार ट्रेलर थी, जो वह आगामी वर्ल्ड कप के लिए तैयार कर रहे हैं।

40 की उम्र, 20 का जोश आज रोहित की फिटनेस और ग्राउंड पर उनकी ऊर्जा एक मिसाल है। जो खिलाड़ी फील्डिंग में आराम ढूंढते थे, वे अब एक यंगस्टर की तरह बाउंड्री पर डाइव लगा रहे हैं। उनका यह डेडिकेशन चीख-चीख कर कहता है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। कप्तानी की जिम्मेदारी हटने के बाद, रोहित का यह नया वर्जन टीम के लिए निस्वार्थ होकर खेल रहा है। शुभमन गिल की कप्तानी में उनकी यह भूमिका भारतीय टीम के लिए वरदान साबित हो सकती है।

2027: एक अनफिनिश्ड बिज़नेस 2023 वर्ल्ड कप फाइनल की हार की टीस आज भी हर भारतीय फैन के मन में है, और रोहित शर्मा उस कसक को मिटाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टेस्ट और टी20 से संन्यास के बाद, उनका पूरा ध्यान एक ही लक्ष्य पर है—वनडे वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी। 2027 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की उछाल भरी पिचों पर, रोहित का अनुभव और उनका सिग्नेचर पुल शॉट भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा ट्रम्प कार्ड साबित होगा।

अब गंभीर और अगरकर के पाले में गेंद लॉर्ड्स की इस ब्लॉकबस्टर पारी के बाद अब वक्त आ गया है कि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर बंद कमरों में अटकलें लगाने के बजाय रोहित के साथ एक स्पष्ट संवाद करें। 2027 के महाकुंभ के लिए टीम इंडिया को रोहित के कूल माइंडसेट और अनुभव की सख्त जरूरत है। रोहित शर्मा के इरादे साफ हैं, अब बस उन्हें एक भरोसेमंद रोडमैप की जरूरत है ताकि वे अपनी विरासत को उस मुकम्मल अंजाम तक पहुँचा सकें, जिसका पूरा भारत इंतज़ार कर रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

नीट विवाद: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं ले रही मोदी सरकार? जानिए इसके पीछे की असली वजह

Story 1

नीट पेपर लीक और प्रदर्शन पर भड़की कंगना रनौत, विपक्ष को दी नसीहत

Story 1

योगा एक्सप्रेस में सीट का विवाद: प्लेटफॉर्म पर पीट-पीटकर ले ली गई युवक की जान, मूकदर्शक बनी भीड़

Story 1

सीजेपी और जेपी नड्डा के बीच मैराथन बैठक: क्या खत्म होगा प्रदर्शन?

Story 1

हॉलीवुड बनाम बॉलीवुड: अवेंजर्स: डूम्सडे के VFX पर उठे सवाल, रामायण के विजुअल्स से हो रही तुलना

Story 1

दिल्ली से टोरंटो तक गूंजा CJP आंदोलन: नीट पेपर लीक और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरा जनसैलाब

Story 1

अस्पताल से सोनम वांगचुक का हुंकार: पुलिस की क्रूरता के बाद अब अनशन जारी रहेगा

Story 1

जवाब मांगे तो मिलीं लाठियां: छात्र प्रदर्शन पर भड़का विपक्ष, सरकार को घेरा

Story 1

अमेरिका का ईरान पर महाहमला: लगातार 10वीं रात दहला तेहरान, जॉर्डन में सैनिकों की मौत के बाद बदला हालात

Story 1

दिल्ली दहला: सड़क पर खूनी संघर्ष और संसद में भारी बवाल, मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट