दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में रहने वाले सुरेश जायसवाल का अनुभव उन लाखों लोगों के लिए एक मिसाल है जो चिलचिलाती गर्मी में भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं। जहां उनके पड़ोसी 4,000 से 7,000 रुपये तक का बिल भर रहे हैं, वहीं सुरेश जी बेफिक्र होकर एसी (AC) चला रहे हैं। उनके घर का बिजली बिल जीरो आ रहा है। यह चमत्कार मुमकिन हुआ है उनकी छत पर लगे रूफटॉप सोलर सिस्टम से।
बिजली वितरण कंपनी ने एक वीडियो के जरिए समझाया है कि कैसे दिल्लीवासी अपनी छतों का सही इस्तेमाल कर सकते हैं। जब आप छत पर सोलर पैनल लगवाते हैं, तो सूरज की रोशनी से बिजली पैदा होती है। अगर आपके घर की खपत के अनुसार सही क्षमता का सोलर प्लांट लगा है, तो यह बिजली आपके घर के फ्रिज, वाशिंग मशीन और यहां तक कि एसी का खर्च भी खुद उठा लेती है। इसकी लागत 3 से 5 साल में वसूल हो जाती है, जबकि ये पैनल 25 साल से ज्यादा तक बिजली देते हैं।
सोलर पैनल लगवाने की सोच रहे लोगों के लिए सरकार ने इसे बेहद किफायती बना दिया है:
इसका सबसे बड़ा फायदा नेट मीटरिंग है। अगर आपके सोलर पैनल जरूरत से ज्यादा बिजली बना रहे हैं, तो वह ग्रिड के जरिए कंपनी को सप्लाई कर दी जाती है। कंपनी इस अतिरिक्त बिजली को आपसे खरीदती है, जिससे आपका बिजली बिल न केवल जीरो होता है, बल्कि आपको कमाई का जरिया भी मिलता है।
अगर आपके पास एकमुश्त निवेश करने के लिए पैसे नहीं हैं, तो बैंक और NBFC आसान सोलर लोन और EMI के विकल्प दे रहे हैं। 1 किलोवाट का सिस्टम लगाने के लिए लगभग 100 वर्ग फुट जगह की जरूरत होती है, जो हर दिन करीब 4 यूनिट बिजली बनाता है। हाउसिंग सोसायटियों (RWAs) के लिए यह और भी फायदेमंद है, क्योंकि वे अपनी कॉमन छतों पर सोलर लगाकर लिफ्ट, वाटर पंप और स्ट्रीट लाइट्स के खर्च में 50% से अधिक की कटौती कर सकती हैं।
यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो प्रक्रिया काफी सरल है:
विशेष सलाह: सब्सिडी पाने के लिए हमेशा DCR-प्रमाणित सोलर मॉड्यूल और MNRE के सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही उपकरण लगवाएं।
From Sunshine to Zero-Bill Possibilities
— BSES Delhi (@bsesdelhi) July 16, 2026
Every morning, the sun rises over Delhi. Now, it can do more than brighten our homes. It can power them, substantially reduce electricity bills and, in some cases, even bring them down to zero.
That means greater savings every month,… pic.twitter.com/AIst3nUh92
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