भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के इतिहास में आज एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। हैदराबाद स्थित स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने आज सुबह 12:05 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने पहले ऑर्बिटल मिशन आगमन के तहत विक्रम-1 रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में सरकारी नेतृत्व से हटकर निजी उद्योग की व्यापक भागीदारी की एक बड़ी जीत है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस विक्रम-1 विक्रम-1 भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है। इसकी सबसे बड़ी विशिष्टता इसका ऑल-कार्बन कंपोजिट ढांचा है। पारंपरिक स्टील की तुलना में हल्का और अत्यधिक मजबूत होने के कारण, यह रॉकेट की पेलोड क्षमता को काफी बढ़ा देता है। इसमें भारत का पहला 100 प्रतिशत 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजन भी लगाया गया है, जो इसके ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल को शक्ति प्रदान करता है।
अंतरिक्ष मलबे की सफाई पर जोर मिशन आगमन केवल उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने तक सीमित नहीं है। यह रॉकेट एम्ब्रेस मिशन के तहत एक विशेष रोबोटिक आर्म तकनीक का प्रदर्शन कर रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में जमा मलबे को हटाना है। निजी क्षेत्र द्वारा इस तरह का परीक्षण भारत में पहली बार हो रहा है। इसके साथ ही, इसमें इस्तेमाल किया गया पहला चरण देश का सबसे लंबा मोनोलिथिक कार्बन कंपोजिट रॉकेट स्टेज है, जो स्वदेशी इंजीनियरिंग का लोहा मनवा रहा है।
विज्ञान के दिग्गजों को समर्पित विक्रम-1 का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है। यह मिशन कूटनीतिक और सांस्कृतिक रूप से भी अनोखा है। रॉकेट अपने साथ एक छोटा स्वर्ण रॉकेट ले जा रहा है, जिसमें डॉ. विक्रम साराभाई, सर सीवी रमन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की सूक्ष्म कलाकृतियां अंकित हैं। इसके अलावा, बेंगलुरु में बना कॉस्मिक ब्लूम हीरा भी इस मिशन का हिस्सा है।
पीएम मोदी का संदेश और तकनीकी उत्कृष्टता मिशन आगमन अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश वंदे मातरम भी अंतरिक्ष में ले जा रहा है। तकनीकी दृष्टि से, इसमें लगा उन्नत न्यूमैटिक सेपरेशन सिस्टम पेलोड को बिना किसी झटके के अलग करने में सक्षम है, जो भारतीय निजी रॉकेटों में एक नई तकनीक है।
यह सफल लॉन्चिंग वैश्विक स्पेस इकोनॉमी में भारत की हिस्सेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।
#WATCH | Andhra Pradesh: India s first privately developed orbital-class rocket, Vikram-1, launched from the Satish Dhawan Space Centre in Sriharikota
— ANI (@ANI) July 18, 2026
Built by Hyderabad-based Skyroot Aerospace, Vikram-1 is powered by three solid-fuel stages and a liquid orbital adjustment… pic.twitter.com/QQC9CPjcxH
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