नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही एक नया राजनीतिक विवाद केंद्र में आ गया है। सरकार राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य राष्ट्र गीत वंदे मातरम को जन गण मन के समान कानूनी संरक्षण देना है।
क्या हैं नए प्रावधान? गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए जाने वाले इस बिल के तहत वंदे मातरम के गायन में बाधा डालना या उसका अपमान करना गंभीर अपराध माना जाएगा। प्रावधानों के उल्लंघन पर दोषी को तीन साल तक की जेल हो सकती है। सरकार यह कदम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर उठा रही है।
विपक्ष का मोर्चा: बिल वापस लेने की मांग सदन में जाने से पहले ही CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस बिल को वापस लेने की मांग की है। ब्रिटास का तर्क है कि यह विधेयक हमारे संविधान निर्माताओं द्वारा बनाई गई ऐतिहासिक सहमति के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि राष्ट्रवाद को कानून के डंडे से नहीं थोपा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और विवाद की जड़ मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय के वंदे मातरम प्रोटोकॉल में दखल देने से इनकार कर दिया था। तब अदालत ने स्पष्ट कहा था कि इसका कोई कानूनी बोझ या दंडात्मक परिणाम नहीं है। आलोचकों का आरोप है कि सरकार अब उसी विषय को कानून बनाकर जबरन लागू करना चाहती है, जिसे पहले कार्यकारी आदेशों के जरिए वैधानिक बल नहीं मिल सका था।
संवैधानिक पेच और बहुलतावाद का सवाल विवाद का एक बड़ा पहलू संविधान का अनुच्छेद 51A(a) है। आलोचकों का कहना है कि संविधान में नागरिकों का कर्तव्य केवल राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्र गान का सम्मान करना है, राष्ट्र गीत का नहीं। 1971 के मूल कानून में भी राष्ट्र गान को ही दंडात्मक संरक्षण दिया गया था।
विपक्ष का मानना है कि यह कदम भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैचारिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के विपरीत है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मानसून सत्र के दौरान संसद में सरकार और विपक्ष के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या बहस होती है।
In March 2026, Supreme Court declined to interfere with the MHA s January 2026 Vande Mataram protocol, observing that it imposed no legal burden or penal consequence, while expressly leaving it open for anyone to approach the Court if the protocol was ever enforced through… pic.twitter.com/0e3V73EniN
— John Brittas (@JohnBrittas) July 19, 2026
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