संसद तक पहुंचा पेपर लीक का दंगल : सुरक्षा घेरे में सरकार, सड़कों पर छात्रों का उबाल
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नीट (NEET) पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर दिल्ली की सड़कों पर छिड़ा संग्राम सोमवार को अपने चरम पर पहुंच गया। जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का हुजूम संसद मार्ग तक जा पहुंचा, जिसने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। 2011 के अन्ना आंदोलन के बाद पहली बार राजधानी की सड़कों पर इतना बड़ा जनसैलाब देखने को मिला।

संसद के दरवाजे बंद, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ते कदमों को देखकर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि संसद के मुख्य दरवाजे बंद करने पड़े और क्यूआरटी (QRT) को मोर्चा संभालना पड़ा। पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प में एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया। प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग, आंसू गैस के गोले और अंततः लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

सरकार से पहली बार औपचारिक संवाद तनाव के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब 10 मिनट की इस बातचीत में छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। CJP की प्रमुख तीन मांगें हैं: सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील करते हुए उनसे धरना समाप्त करने का आग्रह किया है।

राजनीतिक दलों का समर्थन और संसद में हंगामा इस आंदोलन को विपक्षी दलों का बड़ा समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, आतिशी, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव और आरजेडी के मनोज झा प्रदर्शन में शामिल हुए। संसद के भीतर भी नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे युवा-विरोधी सरकार करार दिया, जिसके चलते संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

सोनम वांगचुक का अडिग रुख अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक प्रदर्शनकारी युवाओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे अपना व्रत नहीं तोड़ेंगे। वांगचुक ने छात्रों पर हुई बर्बरता की कड़ी निंदा की है।

जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा सोमवार रात तक दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को खाली कराने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों के मंच को हटा दिया था, लेकिन सीजेपी समर्थकों ने रात होते-होते फिर से उसी जगह पर डेरा जमा लिया है। दिल्ली ही नहीं, मुंबई के आजाद मैदान समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी छात्रों का आक्रोश सड़कों पर नजर आ रहा है।

फिलहाल, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन छात्रों का बढ़ता आक्रोश किसी बड़े समाधान की ओर इशारा कर रहा है।

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