पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी और उनके स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि हर जीवन मूल्यवान है और वांगचुक के इलाज या डिस्चार्ज से जुड़ा कोई भी फैसला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।
वर्तमान में कोर्ट ने इस मामले में किसी भी अंतरिम आदेश की आवश्यकता नहीं समझी है। हाई कोर्ट ने तीन दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई तय की गई है। इसका अर्थ यह है कि वांगचुक को अभी कम से कम तीन दिन और अस्पताल में रहना होगा।
सोनम वांगचुक नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। शनिवार की सुबह पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस और प्रशासन का तर्क था कि उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले, हाईकोर्ट ने 16 जुलाई को भी उनकी सेहत पर चिंता जताई थी और सरकारी डॉक्टरों को निगरानी के निर्देश दिए थे।
सुनवाई के दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि वांगचुक हिरासत में नहीं हैं और उनका वकीलों व निजी डॉक्टरों से संपर्क काट दिया गया है। सिब्बल ने मांग की कि उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल (मेदांता) में इलाज कराने की अनुमति दी जाए।
वहीं, सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने स्पष्ट किया कि वांगचुक की स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए सरकारी मेडिकल टीम की निगरानी जरूरी है। डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया कि वांगचुक ने फिलहाल आईवी फ्लूइड और विटामिन लेने से इनकार कर दिया है, जिससे उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया है।
अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम निर्णय केवल मेडिकल टीम ही लेगी। डॉक्टरों का कहना है कि 21 दिनों से अधिक के अनशन के बाद शरीर के अंगों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना होती है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट परिवार के साथ साझा की जाए और उन्हें अस्पताल में वांगचुक से मिलने की अनुमति दी जाए।
इस बीच, FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर दिन में दो बार पारदर्शी मेडिकल बुलेटिन जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन ने नीट परीक्षा में व्याप्त कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों के लिए भी राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
#FAIMA has written to the Hon ble President of India @rashtrapatibhvn seeking urgent intervention on repeated #NEET irregularities,accountability of the NTA & structural reforms in the examination system.
— FAIMA Doctors Association (@FAIMA_INDIA_) July 18, 2026
We have also requested transparent twice-daily medical bulletins on Shri… pic.twitter.com/More3AuMS7
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