लखनऊ: जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे नफरत की राजनीति करार दिया है।
यूनिवर्सिटी गिराना समाधान नहीं मौलाना मदनी ने स्पष्ट किया कि यदि यूनिवर्सिटी में कोई अनियमिताएं हैं, तो सरकार जुर्माना वसूल सकती है या कानूनी प्रक्रिया अपना सकती है, लेकिन ढांचा गिराना गलत है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी जिसके नाम पर बनी है, उसे जीवित रखा जाना चाहिए। उन्होंने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया।
नफरत को प्यार से ही मिटाया जा सकता है मदनी ने देश के मौजूदा माहौल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि नफरत की आग को नफरत से नहीं बुझाया जा सकता। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से अपील की कि वे एक-दूसरे के प्रति प्रेम और भाईचारे का व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, हम अल्लाह हू अकबर कहते हैं और आप ओम नमः शिवाय , दोनों का सार एक ही है—ईश्वर महान है।
मदरसों को लेकर फैले भ्रम को दूर करें शिक्षा के क्षेत्र में मदनी ने मदरसा संचालकों को नसीहत दी कि वे अपने संस्थानों के दरवाजे आम लोगों के लिए खोलें। उन्होंने कहा कि मदरसों में क्या पढ़ाया जाता है, यह बात गैर-मुस्लिम भाइयों को दिखानी चाहिए ताकि उनके मन में मौजूद गलतफहमियां दूर हो सकें। कुरान की शिक्षाओं को सही परिप्रेक्ष्य में रखने की जरूरत है।
अदालत का सम्मान और पड़ोसियों का ख्याल ज्ञानवापी जैसे संवेदनशील मामलों पर मौलाना ने कहा कि इन विवादों का निपटारा अदालत के जरिए ही होना चाहिए, न कि आपसी बातचीत से। साथ ही, उन्होंने समाज से अपील की कि चाहे गांव हो या शहर, लोग अपने पड़ोसियों के दुख-सुख में ढाल बनकर खड़े हों। उन्होंने कहा कि अगर कोई कड़वी बात कहे, तो उसे भी विनम्रता से सुनना ही असल इंसानियत है।
सियासत और संदेश मौलाना मदनी ने वन नेशन, वन इलेक्शन जैसे मुद्दों को भी सियासत का हिस्सा बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि देश में फिरकापरस्ती को बढ़ावा देने के बजाय भाईचारे को मजबूत किया जाए, क्योंकि इसी में राष्ट्र की भलाई है।
*Lucknow, Uttar Pradesh: National President of Jamiat Ulema-e-Hind, Maulana Syed Arshad Madani says, Whether in our villages, our cities, our markets, or our fields, we should help our neighbours, express love and affection, and stand with them in times of sorrow and hardship.… pic.twitter.com/DHDV0Nji2i
— IANS (@ians_india) July 18, 2026
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