मध्य पूर्व में महायुद्ध का बिगुल: ईरान की सीधी धमकी से दहला अमेरिका, बढ़ता जा रहा है तबाही का दायरा
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मध्य पूर्व इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव अब एक पूर्ण और विनाशकारी युद्ध में बदल चुका है। एक महीने पहले हुआ शांति समझौता पूरी तरह बेअसर साबित हुआ है और दोनों देशों ने एक-दूसरे की रेड लाइन्स को पार कर दिया है।

जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, जंग हुई भीषण

शुक्रवार और शनिवार की रात खाड़ी क्षेत्र के लिए सबसे भयावह साबित हुई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन्स से जॉर्डन में तैनात अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया।

ईरान का दावा है कि उन्होंने अमेरिका के कई रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और फाइटर जेट्स को मलबे में बदल दिया है। वहीं, पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस हमले में अमेरिका के दो सैनिकों की मौत हो गई है और एक लापता है। इसके जवाब में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास स्थित नौसैनिक अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

खून का बदला खून : मोजतबा खामेनेई की खुली चुनौती

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को शैतान करार देते हुए किसी भी समझौते को मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ हुए पिछले समझौतों को बेकार और धोखा बताया है।

तेहरान की सड़कों पर लगाए गए नए बिलबोर्ड्स ने दुनिया को चौंका दिया है। इन होर्डिंग्स में जलते हुए व्हाइट हाउस के सामने राष्ट्रपति ट्रंप और उनके पूरे परिवार को ताबूतों में दिखाया गया है, जिस पर खून का बदला खून का संदेश लिखा है। खामेनेई ने अमेरिका को ऐसे सबक सिखाने की कसम खाई है, जिसे इतिहास कभी न भूल सके।

कुवैत-बहरीन में मिसाइल अटैक से हड़कंप

युद्ध का दायरा अब तेजी से फैल रहा है। ईरान ने कुवैत की प्रमुख ऑयल फैसिलिटी और बिजली-पानी के संयंत्रों पर हमले किए हैं। बहरीन में लगातार हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है।

ईरान के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसेन रेज़ाई ने संकेत दिए हैं कि ईरान अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। बढ़ते वैश्विक संकट को देखते हुए लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन वाशिंगटन के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अंतिम दौर की आपातकालीन वार्ता करेंगे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रास्तों को खतरे में डाल दिया है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल और गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी इस महायुद्ध को रोकने की कोशिश में है, लेकिन जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

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