पाकिस्तान के भीतर जारी राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार (15 जुलाई 2026) को बलूचिस्तान के स्वघोषित प्रतिनिधि मीर यार बलूच ने आधिकारिक रूप से पाकिस्तान से अपनी आजादी का ऐलान कर दिया है। यह घोषणा दक्षिण एशियाई राजनीति में भूचाल ला सकती है।
85 फीसदी हिस्से पर कब्जे का दावा मीर यार बलूच ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दावा किया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान की डिफेंस और सिक्योरिटी फोर्सेज ने प्रांत के 85 फीसदी भूभाग को पाकिस्तानी सेना के चंगुल से आजाद करा लिया है। उन्होंने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था का खाका खींचते हुए अपना राष्ट्रगान मा चुकेन बलूचानी , राष्ट्रीय ध्वज और अपनी नई करेंसी बलूची फलुस की भी घोषणा की है।
हाशिए पर बलूच और संसाधनों का शोषण बलूचिस्तान का पाकिस्तान के साथ टकराव नया नहीं है। 1948 में विलय के बाद से ही यहां के लोगों का आरोप है कि इस्लामाबाद ने उन्हें मात्र एक उपनिवेश की तरह इस्तेमाल किया है। सोना, तांबा और प्राकृतिक गैस से समृद्ध होने के बावजूद, यहां के स्थानीय निवासी घोर गरीबी में जीने को मजबूर हैं।
चीन की भूमिका पर गहरा असंतोष बलूचिस्तान में विद्रोह की एक बड़ी वजह चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्वादर बंदरगाह और अन्य खनन परियोजनाओं के नाम पर बीजिंग और इस्लामाबाद मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। बलूचियों को डर है कि चीनी निवेश से वे अपनी ही धरती पर अल्पसंख्यक बन जाएंगे और उनके प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है।
भारत के लिए दुविधा की स्थिति बलूचिस्तान ने भारत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आजादी को मान्यता देने की अपील की है। हालांकि, नई दिल्ली के लिए यह एक बेहद पेचीदा राजनयिक स्थिति है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का इस मामले में सीधे कूदना अंदरूनी मामलों में दखल का आरोप मढ़ सकता है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर कर सकता है।
क्या है भारत के संयम की वजह? भारत अभी बहुत सधे हुए कदम उठा रहा है। यदि नई दिल्ली बलूचिस्तान को मान्यता देती है, तो इसका सीधा असर ईरान के साथ संबंधों पर भी पड़ेगा। ईरान ने पहले ही बलूच विद्रोहियों का समर्थन करने वालों को चेतावनी दी है। इसके अलावा, चाबहार पोर्ट जैसे व्यापारिक प्रोजेक्ट्स और चीन के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत अपनी संप्रभुता और सामरिक हितों को सर्वोपरि मानकर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। फिलहाल, नई दिल्ली ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
BREAKINGN NEWS 🚨⚓️✈️
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) July 13, 2026
The Republic of Balochistan s Defense and Security Forces Have Secured 85% of Balochistan s Territory
13 July, 2026
Balochistan has declared its independence, adopted its national anthem, “ Ma Chukain Balochani, introduced its national flag, established… pic.twitter.com/sCUm7rSlye
गुरु बनाम चेले: मेसी की अंतिम परीक्षा, क्या स्पेन के ला मासिया सितारे करेंगे खेल खत्म?
यूक्रेन में जेलेंस्की शर्म करो के नारे: सरकार के बड़े फेरबदल के खिलाफ भड़का जनआक्रोश
कभी पुलिस खोजती थी भैंस, अब ड्रीम प्रोजेक्ट पर चलेगा बुलडोजर... कैसे खत्म हुआ आजम खान का दबदबा?
BIMSTEC में अजीत डोभाल का बड़ा दांव: नेबरहुड फर्स्ट और एक्ट ईस्ट के जरिए सुरक्षा का नया मंत्र
ट्रेन की पटरी को बनाया कूड़ेदान , वायरल वीडियो देख भड़के लोग
बिहार में आफत की बारिश: 17 से 19 जुलाई तक अलर्ट, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी जारी
भगवान कृष्ण मुसलमान और 5 वक्त के नमाजी थे : मौलाना जरजिस अंसारी के विवादित बयान से मचा हड़कंप
घर की सफाई में मिली 20 साल पुरानी SBI पासबुक, क्या वापस मिल सकता है मरहूम दादाजी का पैसा?
पुरी रथ यात्रा: भगदड़ के बीच मानवता की मिसाल, एंबुलेंस के लिए श्रद्धालुओं ने बनाया रास्ता
पुरी रथ यात्रा में कोहराम: भारी भीड़ के बीच भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत, 200 घायल