यूक्रेन में जेलेंस्की शर्म करो के नारे: सरकार के बड़े फेरबदल के खिलाफ भड़का जनआक्रोश
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यूक्रेन की राजधानी कीव समेत देश के कई बड़े शहरों में गुरुवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है। कीव में राष्ट्रपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।

क्या है प्रदर्शन की मुख्य वजह? विरोध की चिंगारी राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को हटाए जाने के बाद भड़की। इस फैसले के बाद कीव की सड़कों पर शर्म करो (Shame!) के नारे गूंज उठे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में किसलिए? और रूसी जश्न मना रहे हैं लिखे हुए प्लेकार्ड्स देखे गए।

कौन हैं मिखाइलो फेडोरोव? 35 वर्षीय मिखाइलो फेडोरोव को यूक्रेन में तकनीकी सुधारों का चेहरा माना जाता है। रक्षा मंत्री बनने से पहले, उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री के रूप में देश के ई-गवर्नेंस ढांचे को खड़ा किया। पिछले छह महीनों में, उन्होंने यूक्रेन के ड्रोन वॉरफेयर प्रोग्राम को नई गति दी और रक्षा खरीद में पारदर्शिता लाने का काम किया। उन्हें हटाने का निर्णय कई लोगों को समझ से परे लग रहा है।

संसद और सरकार में बड़ा बदलाव यह विरोध तब और तेज हो गया जब संसद ने एक नई सरकार को मंजूरी दी। जेलेंस्की ने फेडोरोव को तो हटा दिया, लेकिन अभी तक किसी नए रक्षा मंत्री के नाम का ऐलान नहीं किया है। रक्षा मंत्रालय में इस अचानक बदलाव ने यूक्रेन के सैन्य नेतृत्व के बीच मतभेदों को भी सतह पर ला दिया है।

युद्ध के मोर्चे पर दोहरी मार प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब यूक्रेन दोतरफा दबाव झेल रहा है। एक तरफ कीव को लगातार रूसी मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें हालिया हमलों में बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ यूक्रेनी सेना रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर रही है।

भविष्य की चुनौतियां पिछले साल भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद यह यूक्रेन में हुआ सबसे बड़ा सार्वजनिक विरोध है। उस समय जनता के भारी दबाव के चलते जेलेंस्की को अपने फैसलों पर दोबारा विचार करना पड़ा था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस बढ़ते जन-आक्रोश के आगे झुकेगी या फिर राजनीतिक फेरबदल की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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