पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। 18 दिनों से जारी इस आंदोलन में वांगचुक अब भी अपनी मांगों पर मजबूती से डटे हुए हैं।
खाना खाने से जाएगा गलत संदेश बुधवार रात जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि वह अभी अनशन तोड़ देते हैं, तो यह जनता के बीच गलत संदेश भेजेगा। उन्होंने सवाल किया कि बिना किसी समाधान के हड़ताल खत्म करने का क्या औचित्य है? उनके अनुसार, ऐसा करने से सरकार को यह संकेत मिलेगा कि प्रदर्शनकारी कुछ दिन विरोध के बाद बिना मांगे पूरी हुए ही वापस लौट जाते हैं।
अपीलों का दौर, लेकिन वांगचुक अडिग पिछले कुछ दिनों में कई राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है। कुछ लोगों ने उनके अनशन को खत्म करवाने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की भी मांग की है। हालांकि, वांगचुक ने इन सभी अपीलों को विनम्रता से नकार दिया है। उनका कहना है कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यापक जनहित और लद्दाख के भविष्य के लिए है।
क्या हैं वांगचुक की मुख्य मांगें? सोनम वांगचुक का यह आंदोलन लद्दाख क्षेत्र के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। उनका मुख्य तर्क है कि लद्दाख की नाजुक पारिस्थितिकी और अनूठी संस्कृति को बचाने के लिए केंद्र सरकार को विशेष नीतियां बनानी चाहिए।
बिगड़ती सेहत और शांतिपूर्ण मार्च की चेतावनी लगातार 18 दिनों तक उपवास रखने के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद, उन्होंने अपने समर्थकों के लिए एक नई योजना साझा की है। उन्होंने 20 जुलाई को संसद तक एक शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है, ताकि उनकी आवाज सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंच सके।
सरकार की प्रतिक्रिया का अब भी इंतजार पूरे मामले पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या समाधान की पहल नहीं हुई है। वांगचुक ने दोहराया है कि वह टकराव नहीं चाहते, बल्कि सरकार के साथ रचनात्मक बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढना चाहते हैं। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन की मांगों को गंभीरता से लेगी या नहीं।
I’m Not in good shape but not so bad either...
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 15, 2026
Rather than asking me to break my fast please join me on 20th July... Peaceful March to the Parliament.#cockroachjanataparty #jantarmantar #cjpprotest #chalosansad pic.twitter.com/QZ6VyxVMAR
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