लद्दाख की बर्फीली वादियों और कड़कड़ाती ठंड में उगने वाला विशेष फल अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में धूम मचाने को तैयार है। लद्दाख से 5 मीट्रिक टन (5000 किलो) केमिकल-मुक्त प्रीमियम खुबानी की पहली खेप विमान के जरिए सीधे दुबई (UAE) रवाना कर दी गई है। यह उपलब्धि लद्दाख के कृषि इतिहास में एक मील का पत्थर है।
ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता यह निर्यात महज एक शुरुआत है। लद्दाख प्रशासन और वैश्विक रिटेल दिग्गज लुलु रिटेल के बीच हुए एक बड़े समझौते (MoU) के तहत, इस साल कुल 1000 मीट्रिक टन खुबानी विदेश भेजी जाएगी। इस छलांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों में लद्दाख से महज 1500 किलो खुबानी ही निर्यात हो पाई थी।
किसानों को अब नहीं होगी बिक्री की चिंता पहले लद्दाख के किसानों को फसल तोड़ने से लेकर उसकी पैकेजिंग और बाजार तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कोल्ड स्टोरेज के अभाव में फल खराब हो जाते थे। अब नई व्यवस्था में, लुलु रिटेल खेत से फल उठाने, छंटाई करने, पैकेजिंग और उसे हवाई मार्ग से दुबई पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी निभा रही है। इससे बिचौलियों का खेल खत्म हुआ है और किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिलेगा।
क्यों दुनिया में है इस खुबानी की डिमांड? इस निर्यात में लद्दाख की प्रसिद्ध रक्तसे कारपो और हलमान वैरायटी को शामिल किया गया है। लद्दाख के प्रदूषण-मुक्त वातावरण और प्राकृतिक सूर्य की रोशनी में बिना किसी यूरिया या केमिकल के उगाई गई यह खुबानी, अपनी अनूठी मिठास और पोषक तत्वों के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
ताजगी बरकरार रखने के लिए विशेष इंतजाम खुबानी एक अत्यंत नाजुक फल है। इसके स्वाद और ताजगी को दुबई तक सुरक्षित बनाए रखने के लिए इसे 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखा जा रहा है। विशेष एयर-कंडीशनर ट्रकों और रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों के जरिए इन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि दुबई के ग्राहकों को लद्दाख की वादियों जैसा फ्रेश स्वाद मिल सके।
सेहत का खजाना, लेकिन सावधानी जरूरी खुबानी पोषक तत्वों का पावरहाउस है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हृदय को स्वस्थ रखते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, कैल्शियम और फास्फोरस का बेहतरीन स्रोत होने के कारण यह हड्डियों को मजबूती देता है और त्वचा में चमक लाता है।
हालांकि, इसमें फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है, इसलिए इसका अधिक सेवन पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है।
नोट: खुबानी के स्वास्थ्य लाभ सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
पिछले कुछ समय से @APEDADOC के प्रयासों से देशभर के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और वैश्विक बाजार तक नई पहुंच मिल रही है। लद्दाख से UAE के लिए 5 मीट्रिक टन ऑर्गेनिक खुबानी की पहली खेप का निर्यात इसका एक और सशक्त उदाहरण है।
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 16, 2026
यह पहल भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय… pic.twitter.com/cVC5neLYXQ
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