ममता बनर्जी का अतीत हुआ वायरल, क्या TMC के लिए गले की फांस बनेगा यह लव लेटर ?
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भूचाल ला दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष द्वारा A Love Letter to Political Amnesia, TMC Edition शीर्षक से किया गया पोस्ट अब चर्चा का केंद्र बन गया है।

अटल जी के साथ ममता की तस्वीर ने छेड़ी बहस बैद्यनाथ घोष ने एक पुरानी तस्वीर साझा की है, जिसमें ममता बनर्जी अपनी मां डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मंच साझा करती दिख रही हैं। यह उस दौर की तस्वीर है जब ममता बनर्जी की पार्टी एनडीए (NDA) का हिस्सा थी और अटल जी उनके उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते थे।

TMC के राजनीतिक पलटवार पर उठाए सवाल पोस्ट के जरिए बैद्यनाथ ने टीएमसी पर राजनीतिक भूलने की बीमारी का आरोप लगाया है। उन्होंने ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर की टाइमलाइन पेश की है, जिसमें 1998-99 और 2004-06 के दौरान टीएमसी का एनडीए के साथ गठबंधन का जिक्र है। उनका तर्क है कि जो पार्टी खुद कभी एनडीए का हिस्सा रही, वह आज एनडीए का विरोध क्यों कर रही है?

मां का बचाव और महुआ मोइत्रा पर तंज बैद्यनाथ ने अपनी मां का बचाव करते हुए पूछा कि यदि वे आज एनडीए का समर्थन करती हैं, तो इसे विश्वासघात क्यों कहा जा रहा है? उन्होंने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा पर भी कटाक्ष किया और कहा कि पार्टी आज जिन फैसलों की आलोचना कर रही है, वे कभी उसकी खुद की रणनीति हुआ करते थे।

अंत में जय अटल और जय कंसिस्टेंसी अपने पोस्ट का समापन उन्होंने जय हिंद , जय अटल और जय कंसिस्टेंसी जैसे शब्दों के साथ किया। यह पोस्ट सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व के दोहरे मापदंडों पर हमला है।

क्या है टीएमसी का रुख? इस तीखे हमले के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह पोस्ट बंगाल की राजनीति में उस पुरानी बहस को फिर से जीवित कर गया है, जिसमें पार्टियों के विचारधारा बदलने पर सवाल खड़े होते हैं।

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