संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी खेमे में दलबदल की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आनंद भदौरिया के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर हलचल पैदा कर दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आए इस ट्वीट ने टिकट के दावेदारों और पार्टी के भीतर मौजूद अंतर्कलह की पोल खोल दी है।
सिफारिश नहीं, सिर्फ काबिलियत को मिलेगा टिकट आनंद भदौरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ शब्दों में कहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन केवल सपा प्रमुख अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस बार किसी की भी सिफारिश काम नहीं आएगी। भदौरिया ने अपने धौरहरा लोकसभा क्षेत्र के नेताओं को संदेश देते हुए कहा कि पार्टी जिसे उम्मीदवार बनाएगी, वे उसका पूर्ण समर्थन करेंगे, भले ही उसने लोकसभा चुनाव में उनका विरोध ही क्यों न किया हो।
टिकट चाहने वालों को दो टूक जवाब सांसद ने टिकट के दावेदारों को नसीहत देते हुए कहा, मैं किसी का पैरोकार नहीं हूं। मेरा कोई पसंदीदा उम्मीदवार नहीं है। टिकट चाहने वालों को अपनी दावेदारी सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पेश करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि टिकट न मिलने पर नेता अक्सर उन्हें निशाना बनाते हैं और पीठ पीछे बुराई करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि जब नेताओं को उनसे काम होता है तो उन्हें गुणों की खान नजर आते हैं, लेकिन उम्मीद पूरी न होने पर वे सबसे बुरे इंसान बन जाते हैं।
नहीं किया था टिकट दिलाने का वादा अपने पोस्ट में आनंद भदौरिया ने उन नेताओं को भी जवाब दिया जो टिकट न मिलने से नाराज हैं। उन्होंने कहा, मैंने किसी से भी टिकट दिलाने का वादा नहीं किया था। जिन्होंने लोकसभा चुनाव में मेरी मदद की है, उनका जो मेहनत रूपी कर्ज मुझ पर है, उसे मैं समय आने पर जरूर अदा करूंगा।
2024 के भीतरघातियों का दर्द? भदौरिया का यह ट्वीट केवल 2027 की तैयारी नहीं, बल्कि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी के भीतर हुए भीतरघात से उपजे दर्द को भी बयां करता है। उन्होंने जिस तरह से पीठ पीछे बुराई करने वालों और खिलाफत करने वालों का जिक्र किया है, उससे साफ है कि सपा के अंदर खाने सब कुछ ठीक नहीं है। इस बयान के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सपा नेतृत्व उन नेताओं पर कार्रवाई करेगा जिन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया था?
आदरणीय नेता गणों
— Anand Bhadauria (@BhadauriyaAnand) July 12, 2026
2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी और आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ही तय करेंगे कि उम्मीदवार कौन होगा.
इस बार किसी की सिफारिश से कोई टिकट मिलने नहीं जा रहा है.
बहरहाल मेरा उत्तरदायित्व मेरी लोकसभा क्षेत्र धौरहरा
की पाँच विधानसभाओं के प्रति है
मैं स्पष्ट तौर… pic.twitter.com/znShoe0MUC
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