होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान का खूनी हमला: 11 भारतीय फंसे, एक लापता; वैश्विक तनाव चरम पर
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मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच रविवार तड़के होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ईरान ने साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल कंटेनर जहाज पर भीषण हमला कर दिया, जिसमें 11 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन एक नागरिक अभी भी लापता है।

आधी रात को समंदर में मौत का जाल हमले की शुरुआत रविवार तड़के हुई। ईरानी नौसेना और कोस्ट गार्ड्स ने जहाज को घेर लिया। ईरान का दावा है कि जहाज उनके तय समुद्री मार्ग का उल्लंघन कर रहा था। चेतावनी के तौर पर हवा में गोलियां चलाने के बाद, ईरान ने इसे उकसावा मानते हुए जहाज पर सीधा हमला कर दिया। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई।

बदले की आग में जल रहा अमेरिका इस हमले के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रविवार सुबह तक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और क्रूज मिसाइलों ने ईरान के भीतर लगभग 140 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर दिया। जवाब में ईरान ने भी जॉर्डन, कतर और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है।

वैश्विक ऊर्जा संकट का मंडराया खतरा होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का 20% व्यापार होता है। ईरान के इस आक्रामक रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से कच्चे तेल की कीमतों को आग लगा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह तनाव नहीं थमा, तो तेल की कीमतें फिर से 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।

ईरान के भीतर क्या बागी गुट सक्रिय है? इस खूनी ड्रामे के बीच अमेरिका ने एक गंभीर सवाल उठाया है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान में एक बागी गुट (Rogue Faction) सक्रिय हो गया है, जो किसी भी कीमत पर युद्धविराम की बातचीत को विफल करना चाहता है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में हुए संघर्ष में 17 लोगों की जान जा चुकी है और 115 से अधिक लोग घायल हैं।

भारत की चिंताएं भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरकार की प्राथमिकता अब लापता भारतीय नागरिक की खोज और खाड़ी देशों में फंसे अपने प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विदेश मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और संबंधित दूतावासों के साथ समन्वय कर रहा है।

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