पंजाब कांग्रेस में घमासान: चन्नी-रंधावा की दो टूक, क्या आलाकमान सुलझा पाएगा कलह?
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चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस की आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखविंदर सिंह रंधावा गुट ने राज्य प्रभारी भूपेश बघेल के साथ एक अहम बैठक की, लेकिन यह बैठक अंततः बेनतीजा रही।

चन्नी-रंधावा गुट की दो बड़ी शर्तें बैठक के दौरान बागी गुट ने अपनी नाराजगी से आलाकमान को अवगत करा दिया है। चन्नी और रंधावा ने विवाद सुलझाने के लिए दो मुख्य शर्तें रखी हैं:

  1. या तो अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से तत्काल हटाया जाए।
  2. या फिर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए और टिकट बंटवारे में उनकी भूमिका सुनिश्चित की जाए।

बघेल की लाचारी, गेंद अब आलाकमान के पाले में सूत्रों के अनुसार, भूपेश बघेल ने इन शर्तों को मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि इन नीतिगत फैसलों का अधिकार उनके पास नहीं है। बघेल ने बागी गुट को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों और चिंताओं को दिल्ली स्थित पार्टी आलाकमान तक पहुँचाया जाएगा। अब अंतिम फैसला कांग्रेस हाई कमान ही लेगा।

सब एकजुट हैं : भूपेश बघेल का बयान बैठक के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में पार्टी में सब कुछ ठीक होने का दावा किया। उन्होंने कहा, मैंने सभी सहयोगियों से बात की है। सभी इस बात पर सहमत हैं कि पार्टी को आलाकमान के निर्देशों का पालन करना चाहिए। मैं प्रभारी के तौर पर सभी के हितों की रक्षा का भरोसा देता हूँ। योग्य और जीतने वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा।

राजा वडिंग की बेफिक्री इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग काफी बेपरवाह नजर आए। बैठक से दूरी बनाए रखने पर उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, मैं गाड़ी में बैठकर आराम से अपनी माँ के हाथ की बनी चूरी खा रहा हूँ। यह जरूरी नहीं है कि हर बैठक में प्रधान का होना अनिवार्य हो। पार्टी में पूरी एकता है और वे (चन्नी-रंधावा गुट) अपनी बात प्रभारी से करना चाहते थे, इसलिए मैं वहां नहीं गया।

आगे क्या? भूपेश बघेल बैठक के बाद रायपुर लौट चुके हैं। पंजाब कांग्रेस के भीतर की यह रस्साकशी अब पूरी तरह से दिल्ली दरबार पर आकर टिक गई है। क्या आलाकमान राजा वडिंग को हटाकर बागी गुट को शांत करेगा या फिर कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।

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