मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान के बीच राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना के दायरे को बढ़ाते हुए राज्य के अन्नदाताओं को बड़ी राहत दी है।
2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन में घोषणा की कि अब योजना के तहत कर्जमाफी की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि महायुति के विधायकों की मांग पर यह निर्णय लिया गया है। यदि सीमा केवल 1 लाख रखी जाती, तो राज्य के करीब 2 लाख किसान इस लाभ से वंचित रह जाते।
नियमों में ढील, तकनीकी बाधाएं खत्म सरकार ने योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी अड़चनों को भी हटा दिया है। मुख्यमंत्री ने 2026-27 के उस विवादास्पद नियम को समाप्त कर दिया है, जिसके कारण कई किसान लाभ से बाहर हो रहे थे। अब पिछले दो वर्षों में नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसान भी इस माफी के पात्र होंगे। फडणवीस ने इसे अब तक की सबसे बड़ी और पारदर्शी कर्जमाफी योजना बताया है।
पुरानी सरकारों पर निशाना विधानसभा में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए पिछली सरकारों की योजनाओं की कमियां गिनाईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2019 की योजना में 2017 के लाभार्थियों को जानबूझकर बाहर रखा गया था। फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार पिछली गलतियों को सुधार रही है ताकि राज्य का कोई भी पात्र किसान सरकारी मदद से वंचित न रहे।
विपक्ष का भावुक वार और विरोध इस फैसले के बाद विपक्ष भी आक्रामक हो गया है। रोहित पवार ने सदन में भावुक होते हुए योजना में लगाई गई शर्तों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कर्जमाफी को जटिल शर्तों के जाल में उलझा दिया है। विपक्ष का तर्क है कि किसानों को बिना किसी शर्त के राहत मिलनी चाहिए, वहीं सरकार इसे वित्तीय अनुशासन के लिए जरूरी बता रही है।
राजनीतिक खींचतान के बीच उम्मीद महाराष्ट्र की राजनीति में कर्जमाफी का मुद्दा एक बार फिर केंद्र बिंदु में है। जहां एक ओर सरकार इसे किसानों के लिए खुशियों का पिटारा बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्ष इसे दिखावा करार दे रहा है। अब देखना यह है कि नियमों में मिली इस ढील का लाभ जमीनी स्तर पर कितने किसानों को वास्तव में मिल पाता है।
Under the Mahatma Jyotirao Phule Farmer Loan Waiver Scheme, the loan waiver for farmers will be increased to ₹2,00,000 while removing the earlier ₹50,000 eligibility condition.
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 10, 2026
महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ती योजनेतील लाभार्थी शेतकऱ्यांसाठी ₹50,000 ची अट काढून… pic.twitter.com/UMhOaFU8oI
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