असम का कड़ा प्रहार: बहुविवाह करने वालों को अब नहीं मिलेगी सरकारी मदद, सरकारी नौकरी पर भी खतरा
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असम सरकार ने अपने नवीनतम बजट में बहुविवाह (एक से अधिक विवाह) के खिलाफ एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य में बहुविवाह करने वाले लोग किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।

सरकारी कर्मचारियों पर कड़ी निगरानी यह नियम केवल आम जनता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों पर भी लागू होगा। बजट में असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया गया है। इसके तहत, यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है।

अपराधियों और सरकारी योजनाओं का अंत सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल बहुविवाह ही नहीं, बल्कि किसी भी आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, सरकारी सहायता केवल कानून का पालन करने वाले और जिम्मेदार नागरिकों के लिए है।

अगस्त से फिर शुरू होंगी कल्याणकारी योजनाएं चुनाव प्रक्रिया के कारण जो योजनाएं पिछले कुछ समय से रुकी हुई थीं, उन्हें अगस्त महीने से फिर से शुरू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है।

डिजिटल सिस्टम से आएगी पारदर्शिता योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली (DIDS) का उपयोग करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में आधार आधारित प्रमाणीकरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी खजाने का पैसा सीधे जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।

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